इस फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) के लिए ” क्लोज़ बुक” कैसे और क्यों करें ?

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” क्लोज़ बुक” फाइनेंशियल ईयर का एक मजबूत भाग  है – प्रत्येक बिज़नेस का आखिरी प्रोसेस।

तो, ये  “क्लोज़ बुक” क्या है?

“क्लोज़ बुक” एक अकॉउंटिंग प्रोसेस है जहां आप अपने पिछले साल के अकाउंट बैलेंस को (आमदनी और खर्चे के अकॉउंटस ) को ख़ाली करते हैं । जिससे आप नए साल में नए सिरे  शुरू सके !!!

सही समय पर ” क्लोज़ बुक” करना आपको ट्रांजेक्शन्स (लेनदेन) में  गलती से कोई भी बदलाव करने से रोकेगा जिनके कारण क्लोज़्ड अकॉउंटिंग पीरियड का  अकॉउंट बैलेंस बदल जाता है । इससे आपको टैक्सेज फाइल करते समय परेशानी हो सकती है और आपके अकॉउंटस में एक बड़ा मिसमैच(बेमेल) भी हो सकता है । यही कारण है कि कंपनियां 31st मार्च को बुक्स क्लोज़ करती हैं |

दूसरी ओर, अगर  पिछले साल के डेटा जिसमें हर लेनदेन की जानकारी  शामिल है,तक पहुंचना आसान है तो आप हर तरह की परेशानियों को बुलावा दे रहे हैं  क्योंकि इस कारण से जरूरी बिज़नेस डेटा के साथ कई बार गड़बड़ी हो सकती है ।

उदाहरण के लिए: मान लीजिए कि आप ये  तुलना करना चाहते हैं कि आपकी कंपनी 2016-17  में कैसे काम कर रही है और 2017-18 में कैसे काम किया था।अगर आप मार्च 2018 को कभी भी क्लोज़ नहीं करते हैं और आप आसानी से उस दौरान के डेटा में फेरबदल  कर सकते है, तो ये तुलना भरोसे के लायक नहीं हो सकती है।

इसके अलावा, हमेशा कुछ नया शुरू करने के लिए आप अच्छा महसूस करते है । अपने अकाउंटिंग बुक के साथ नई शुरुआत करना एक तरोताज़ा कर देने वाला विचार है

चलिए  ‘ व्यापार ’ में ‘ क्लोज़ बुक’ करने के स्टेप्स देखें ?

  • व्यापार ऐप खोलिए > बाएँ मेनू में “Utilities” को क्लिक करें> दिये गये विकल्पों में से “Close financial year” वाला विकल्प चुनिए|close books, financial year end, accounting software, business accounting, vyapar
  • अब एक “Closing date” चुनिए, ये अच्छा रहेगा अगर आप   31 मार्च चुनें (फाइनेंशियल ईयर की समाप्ति)| बाद में आपको अपने बिज़नेस डेटा का बैकअप लेने के लिए कहा जाएगा। पक्का करें कि आपने  उसे सही जगह पर डेटा सेव किया है (याद रखें कि आपने इसे कहाँ सेव किया है!)close books, financial year end, accounting software, business accounting, vyapar
  • क्लोज़िंग डेट चुनने के बाद “Start Closing”  बटन पर क्लिक करें और नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें जिससे  आपका फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) क्लोज़ हो जाएगा ।close books, financial year end, accounting software, business accounting, vyapar

क्या होता है जब आप ‘व्यापार’ में बुक क्लोज़ करते  हैं?

“क्लोजिंग  ऑफ़ बुक ” का मतलब है कि उस साल के लिए आपकी अकॉउंट बुक बंद हो गई है| बुक बंद करने से पहले ‘व्यापार’ आपको बताता है कि कैसे अपने बिज़नेस डेटा को सही जगह सेव करें|

एक बार आपकी बुक बंद होने के बाद,

  • अब, आपके सभी बिक्री / खरीद / बैंक ट्रांस्जेक्शन्स ( लेन -देन ) मंजूर  हो जाएँगे । जबकि आपकी सभी पार्टी / बैंक की जानकारियां अछूती रहेंगी|

बाद में ,close books, business accounting, accounting software, financial year end

बिल / इनवॉइस नंबर को 1 पर दुबारा से सेट कर दिया जाएगाclose books, business accounting, accounting software, financial year end

पिछले फाइनेंशियल ईयर के  सभी पार्टीज़ के बकाया बैलेंसेज  इस साल के ओपनिंग बैलेंसेज बन जाते हैंclose books, business accounting, accounting software, financial year end

पिछले साल के बकाया स्टॉक्स इस साल  के डेटा में जुड़ जाएँगे ।close books, business accounting, accounting software, financial year end

आपका व्यापार एप्लिकेशन केवल आवश्यक डेटा के साथ दुबारा सेट कर दिया जाएगा, जबकि बचा हुआ डेटा सुरक्षित अलग से स्टोर किया जाता है जिससे आप किसी भी समय उसे वापस प्राप्त कर सकते हैं। अब आप नए सिरे से  फाइनेंशियल ईयर को शुरू कर सकते हैं |आप अब से नया ट्रांजेक्शन्स (लेनदेन ) जोड़ना शुरू कर सकते हैं!

व्यापार में ” क्लोज़िंग बुक” से पहले क्या करना है?

जब आप  फाइनेंशियल ईयर के लिए ” क्लोज़ बुक”  करते है, तो आप उसके बाद पुराने ट्रांजेक्शन्स (लेनदेन) के लिए एंट्रीज/फेरबदल नहीं कर सकते। इसका मतलब आपका अकॉउंट फ़्रीज़ हो जाता है |

इसलिए,  बुक्स क्लोज़ करने से पहले नीचे बताई  गई चीज़ों को करना अच्छा रहेगा :

  • अपने Google ड्राइव या फोन पर अपने सभी बिज़नेस डेटा का बैकअप लें
  • आने वाले  साल में असमंजसों  से बचने के लिए ओपन चेक्स , बकाया / आंशिक रूप से भुगतान किए गए इनवॉइसेज, आधे अधूरे ट्रांजेक्शन्स  की जांच करें।
  • ये अच्छा रहेगा अगर आप  अकॉउंटस को बंद करने से पहले सभी चेक या तो बैंक में जमा कर दें या बैंक से निकाल लें  ।
  • उदाहरण के लिए, अगर  आपने एक चेक काटा  है, जो अभी तक कैश नहीं  हुआ है तो आपको मानकर चलना  चाहिए कि आपका बुक बैलेंस बैंक  से कम होगा|मूल रूप से, रिकोंसिलेशन का मतलब होता  है कि आपको आपके बैंक में जो बैलेंस है  और आपके पास जो कैश है उन दोनों को मिलाकर  आपकी बुक के बैलेंस के बराबर लाना है और ये  अपनी गलतियों को पहचान कर और संभव जरूरी फेरबदल करके किया जाता है।

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