छोटे व्यापारियों को टेक्नोलॉजी को अपनाना कितना आवश्यक है?

मेरे विचार से बहुत आवश्यक है| अगर व्यापारी नई तकनीकियों को नहीं अपनाएंगे तो जल्द हीं उन्हें अपना व्यवसाय बंद करना पड़ेगा| क्योंकि टेक्नोलॉजी हर जगह है हिसाब किताब करने से लेकर कस्टमर केयर तक| भारत में कठिन टैक्स कानून भी एक वजह है जिसके लिए व्यापारियों को टेक्नोलॉजी अपनाना चाहिए| यहाँ आपको पता चलेगा कि छोटे व्यापारियों को टेक्नोलॉजी अपनाना कितना और कैसे आवश्यक है|

 

छोटे व्यवसायों में टेक्नोलॉजी कि महत्ता

भारत में लोग आसानी से जल्दी से टेक्नोलॉजी को अपना रहे हैं| इस बात का प्रमाण इस बात से मिलता है कि Amazon और Flipkart जैसी कंपनियां डिलीवरी करने के लिए कई लोगों को नियुक्त कर रही है ताकि वो देश के हर कोने में डिलीवरी कर सकें|

आजकल लगभग सभी के पास 4G मोबाइल है क्योंकि यह काम से काम Rs २००० में भी मिल जाता है| भारत में लगभग सभी घरों में एक सॅटॅलाइट टीवी है और कंप्यूटर भी अब अधिकतर घरों में पाया जाता है| 

भारत विश्व का ऐसा देश है जहाँ इ-कॉमर्स मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है| साल 2021 तक भारत में ग्रहक से लेकर व्यापारी तक लगभग US $1 .२ ट्रिलियन, साबुन से लेकर बड़ी मशीनों को ऑनलाइन खरीदने में खर्च करेंगे| 

साथ हीं भारत में 2021 तक लगभग 80 % ख़रीद मोबाइल, टैब, लैपटॉप से कि जाएगी|

नवंबर 8 , 2016 में जब Rs 500 और Rs 1000 के नोट का डेमोनेटाइज़ेशन किया गया था टैब कई छोटे व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट जैसे कि मोबाइल पेमेंट और वॉलेट को अपनाना पड़ा था ताकि ग्राहकों को ख़रीददारी में आसानी हो|

भारत में स्मार्ट शहरों कि संख्या बढ़ती जा रही है जहाँ  अच्छी IT इंफ्रास्ट्रक्चर हो| भारत सरकार भी सरकारी कामों के लिए नई तकनीकियां लागू कर रही है जो मोबाइल और एप्लीकेशन से पूरी कि जा सके|

इन सभी बातों से एक बात तो साफ़ है: कि अगर आप भारत में अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने कि सोच रहे हैं तो आपको अपनी सफलता के लिए टेक्नोलॉजी को अपनाना ही होगा|

 

छोटे व्यापारी टेक्नोलॉजी को कहाँ अपना सकते हैं|

यह एक बहुत हीं अहम सवाल है कि छोटे व्यापारियों को टेक्नोलॉजी को कहाँ अपनाना चाहिए| यह तो तय है कि छोटे व्यापारियों के पास बड़ी बड़ी MNC और दूसरे बड़े व्यापारियों के जैसा बजट नहीं है| इसलिए उन्हें अपने छोटे बजट में ही टेक्नोलॉजी को अपनाना होगा| यहाँ कुछ ऐसी चीज़ें दी गयी है जहाँ भारत के छोटे व्यापारी अपने व्यवसाय के लिए टेक्नोलॉजी को अपना सकते हैं|

 

स्टॉक की सूची मैनेज करना

यह एक ऐसी चीज़ है जहाँ भारत के छोटे व्यापारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल आराम से कर सकते हैं| जबतक आपको पता नहीं होगा कि आपके स्टॉक में कोनसा सामान है और कोनसा नहीं तब तक आप अपने ग्राहकों को अच्छी सर्विस नहीं दे पाएंगे| इससे आप उन सामान से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं जो स्टॉक में पड़े पड़े बिना बिक्री के हीं एक्सपायर हो रहे हैं| इससे ग्राहकों को भी संतुष्टि होती है क्योंकि आप अपने स्टॉक में अपने ग्राहकों कि ज़रूरतमंद चीज़ें अपने पास रख सकते हैं| स्टॉक को मैनेज करने से आप ज़रूरत से अधिक सामान स्टॉक में रखने से बच सकते हैं जिनकी बिक्री नहीं होती|

 

बिलिंग 

पिछले कुछ सैलून में भारत सरकार ने ग्राहकों को जागरूक करने के लिए कई अभियान किये हैं| इसके फलस्वरूप अब ग्राहक भी अपनी ख़रीददारी का पक्का बिल या रसीद मांगते हैं जो वो पहले बिना बिल के भी ख़रीद लेते थे| पक्का और सही बिल न देना एक क़ानूनी गुनाह है| एक छोटा व्यवसाय होने क कारण आपको अपनी बेहतरी के लिए सभी बिल का रिकॉर्ड भी रखना चाहिए| और यह अब बिलिंग सॉफ्टवेयर कि मदद से संभव है| इससे बेहतरीन उदाहरण आप महाराष्ट्र के हाईवे पर स्थित ढाबा में देख सकते हैं जहाँ  वो लोग बिलिंग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं| इसलिए वह ग्राहकों द्वारा ख़रीदे खान पान कि चीज़ों का हिसाब रख सकते हैं और उसी हिसाब से उनसे पेमेंट लेते हैं| इससे उन्हें अपने स्टॉक का ख्याल रहता है|

 

GST 

GST का काम करने से पहले आपको यह समझना होगा कि GST है क्या| क्योंकि भारत में GST लगभग सभी चीज़ों पर लागू होती है| किस पर कितना GST लगेगा यह तो बिल में लिखे सामान के दाम पर निर्भर करता है| केंद्र और राज्य के अलग अलग GST हैं| और कठिनाई कि बात यह है कि अलग अलग सामान या चीज़ों पर अलग अलग GST लगता है| इसलिए GST में होने वाली ग़लतियों से बचने के लिए टेक्नोलॉजी को अपनाएं| ऐसे बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें जो अपनेआप हीं GST आपके बिल में जोड़ दे| 

 

बहीखाता

यह एक और ऐसी जगह है जहाँ छोटे व्यापारी टेक्नोलॉजी को अपना सकते हैं| यह बात सभी व्यापारियों को पता है कि बहीखाता रखना व्यवसाय के लिए कितना आवश्यक है| जैसा कि आप जानते हैं कि बहीखाते में आप अपने व्यवसाय का सारा हिसाब रखते हैं जैसे खर्च, मुनाफ़ा इत्यादि| बहीखाते में कुछ भी गड़बड़ी हुई तो आपको काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है| इसलिए बहीखाते को सही से बनाए रखने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें| 

 

एकाउंटिंग 

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से आप अपने हर दिन के अकाउंट को अच्छे से मैनेज कर पाएंगे| अकाउंट में कई आसान और मुश्किल प्रक्रिया होती है| और ख़ुशी कि बात यह है कि एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर आजकल मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं| छोटे व्यवसाय को अच्छे से चलने के लिए एकाउंटिंग यानि कि कहते सही होना बहुत आवश्यक है| और अपने रूपए का सही इस्तेमाल करने का सही उपाय टेक्नोलॉजी को अपनाना है|

 

निष्कर्ष

दुर्भाग्य है कि भारत में छोटे व्यापारी श्रमशक्ति पर अधिक निर्भर हैं, खास कर जब खर्च, आय, रूपए के आदान   प्रदान कि बात हो| ज़्यादातर छोटे व्यापारी अपने व्यवसाय के दिनचर्या के साथ अपने ग्राहकों कि संख्या को बढ़ाने में ज़्यादा व्यस्त रहते हैं| भारत में छोटे व्यापारियों को अपनी श्रमशक्ति पर निर्भरता को घटाने के लिए टेक्नोलॉजी को अपनाना हीं होगा| यह इसलिए नहीं क्योंकि श्रमशक्ति महँगा पड़ता है बल्कि इस वजह से क्योंकि हो सकता है कि ग्रामीण जगहों पर योग्य श्रमिक न मिलें| ऐसी जगहों पर टेक्नोलॉजी व्यवसाय को बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है| 

 

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Happy Vyaparing!!!

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