भारत में अपना दवा-खाना या फार्मेसी का व्यवसाय कैसे शुरू करें

फार्मेसी का व्यवसाय भारत का एक सदाबहार व्यवसाय है जिसमे अर्थव्यवस्था के कारण काफी काम उतार चढ़ाव आते हैं| इसलिए आप काम पूँजी और छोटी से जगह के साथ हीं इस व्यवसाय की शुरुवात कर सकते हैं| आप चाहे तो अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं या फिर आप किसी बड़े फार्मेसी जैसे अपोलो फार्मेसी, नेटमेड्स फार्मेसी, का मताधिकार (फ्रैंचाइज़ी) भी ले सकते हैं, परंतु यह आपको खुद के दवा-खाने के मुकाबले थोड़ा महँगा पड़ेगा|

खुद का दवा-खाना या फार्मेसी का व्यवसाय के लाइसेंस लेने के लिए कुछ आवश्यकताएं:

1 ) एक फार्मासिस्ट

सबसे पहले, क्या आपने बी फार्म/ एम फार्म किया है?
अगर नहीं तो आपको एक ऐसे फार्मासिस्ट को तलाशने की ज़रूरत होगी जिसकी मदद से आप पंजीकरण करवा सकें और उसके बदले में कुछ भुगतान (पेमेंट) करें| ऐसा इसलिए क्योंकि आपको दवा-खाना खोलने के लिए फार्मेसी लाइसेंस लेने की आवश्यकता होगी और इसके लिए आपके पास कमसेकम एक फार्मासिस्ट होना चाहिए जिसके पास सही डिग्री हो फिर चाहे वो मालिक हो या फिर कार्यकर्ता|

2 ) दुकान के लिए पर्याप्त स्थान

आपके पास कमसेकम 10 स्क्वायर मीटर जितनी जगह होनी चाहिए जिसमे आप अपना दवा-खाना या फार्मेसी या होलसेल आउटलेट खोल सकें| या जगह या तो आपकी अपनी होनी चाहिए या फिर इसके किरायेदार होने के कागज़ात और पक्की रशीद होनी चाहिए|

यदि आप खुदरा और होलसेल दोनों हीं तरह की फार्मेसी का व्यवसाय करना चाहते हैं तो आपके पास कमसेकम 15 स्क्वायर मीटर की जगह होनी चाहिए|

3 ) निवेश (इन्वेस्टमेंट)

दुकान के लिए स्थान आपकी न्यूनतम आवश्यकता होगी जो या तो आपकी खुद की हो या फिर आपने उसे किराये पर लिया हो| आपको शुरुवाती दौर में होने वाले सभी ख़र्चों का हिसाब होना चाहिए, जैसे अगर अपने जगह किराये पर लिया है तो उसका किराया, या फिर अगर आपने जगह को ख़रीदा है तो उसमे लगने वाली कुल पूँजी, शुरवात करने के लिए लाए जाने वाली दवाइयों की सूची और उनकी लगत, इत्यादि| आपके दुकान का किराया रु 10 ,000 से रु 10 लाख के बीच हो सकता है| किराये की रकम कितनी होगी यह इस बात पर निर्भर करता है की आप किस स्थान पर अपना दवा-ख़ान खोल रहे हैं|

4 ) फार्मासिस्ट की नियुक्ति

सबसे ज़रुरी बात यह है की आपके पास एक सक्षम इंसान का होना बहुत आवश्यक है जो दवाइयों की बिक्री के लिए काउंटर पर हमेशा उपलब्ध रहे| हो सकता है की आपको रु 5 000 से रु 30 000 तक उसे मासिक तनख्वा देनी पड़े|
ऐसे सक्षम इंसान के पास कुछ गुण होने चाहिए जैसे की:

  • एक फार्मासिस्ट जिसका पंजीकरण किसी फार्मेसी विभाग द्वारा मंज़ूर किया गया हो, या फिर
  • कोई व्यक्ति जिसने दवाओं में स्नातक किया हो और साथ ही उसे 1 वर्ष का अनुभव भी हो, या फिर
  • कोई ऐसा व्यक्ति जिसे मेट्रिक के बाद 4 वर्ष का अनुभव हो दवाओं में सौदा करने का और इसकी मंज़ूरी दवा नियंत्रण करने वाले विभाग ने दे रखी हो|

5 ) शीतल स्थान पर दवा रखने की सुविधा:

आपके दुकान में एक रेफ्रीजिरेटर का होना बहुत हीं आवश्यक है|
ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ दवाइयों में जैसे इन्सुलिन इंजेक्शंस, वैक्सीन, इत्यादि में शीतल स्थान पर रखने के निर्देश दिए होते हैं|

6 ) अपने व्यापार को डिजिटल करने के लिए तैयार रहें

  • उन तरीकों पर निर्भर ना रहे जो पुराने हैं और सक्षम नहीं है|अपने व्यापार को होशियारी से आगे बढ़ाएं| खातों का हिसाब करना बिलिंग करना सूची बनाए रखना यह सारे कार्य बिना तकनीकी मदद के अकेले कर पाना बहुत ही चुनौती जनक है|
  • बिज़नेस अकाउंटिंग एप्लीकेशन जैसे कि Vyapar आपको बहीखाते सही रखने में, सूची बनाए रखने में और एकाउंटिंग करने में काफी मदद करेगा| कई व्यापारी इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं और अपने व्यापार के काम को आसान करते हैं|

7 )आवश्यक दस्तावेज़

फार्मेसी का व्यवसाय शुरू करने के लिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दस्तावेज़ों की जरूरत होती है| नीचे कुछ ऐसे दस्तावेज़ों की सूची दी गई है जिनकी जरूरत आपको भारत में दवाइयों के लिए लाइसेंस लेने में पड़ सकती है|

  1. निर्धारित रूप में फार्मेसी लाइसेंस आवेदन फॉर्म|
  2. आवेदक के नाम और पद के साथ हस्ताक्षर किया हुआ आवेदन|
  3. दवाइयों के लाइसेंस को पाने के लिए जमा की हुई राशि का चालान|
  4. निर्धारित रूप में दिया गया घोषणा पत्र|
  5. आपके दुकान के स्थान का ब्लूप्रिंट|
  6. आपके दुकान पर आपका अधिकार होने का आधार|
  7. दवा खाने के मालिक या साथी का पहचान पत्र और फोटो
  8. अपनी दुकान के स्थान का किराएदार होने के पुख्ता क़ागज़ात या पक्की रसीद
  9. अपने व्यापार को स्थापित करने का सबूत ( इनकॉरपोरेशन प्रमाण पत्र, भागीदारी के कागजात, MOA /AOA )
  10. ड्रग्स और कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के अंतर्गत नान कनविक्शन का एफिडेविट
  11. एक दर्ज कराया फार्मासिस्ट या एक सक्षम कार्यकर्ता के सहयोग में एफिडेविट
  12. पंजीकृत फार्मासिस्ट या सक्षम कार्यकर्ता की नियुक्ति का प्रमाण पत्र

सभी आवश्यक कार्य होने के बाद आपको एक ड्रग इंस्पेक्टर के कार्यालय में जाकर अपने दवा-खाना की मंजूरी के लिए आवेदन देना होगा|

Vyapar की ओर से कुछ सुझाव:

  • अपना दवा-खाना उस जगह ना खोले जहां पर पहले से ही कई सारे दवा-खाने मौजूद है इससे आपके प्रतिद्वंद्वी बढ़ जाते हैं|
  • अनौपचारिक रूप से आप किसी चिकित्सक या अस्पताल के साथ टाई अप कर सकते हैं इससे आपको अपने ग्राहकों को इकट्ठा करने में आसानी होगी यह नैतिक रूप से सही तो नहीं पर अधिकतर लोग ऐसा करते हैं|
  • हालाँकि, IndiaFilings आपको भारत फार्मेसी का व्यवसाय शुरू करने में मदद कर सकती है| अधिक जानकारी के लिए IndiaFilings.com पर जाएँ|

अपने फार्मेसी व्यवसाय के लिए बेहतर बिलिंग एप्लीकेशन यहाँ से डाउनलोड करें|

GST से संबंध्ति और नई खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ Vyaparapp.in पर।

बेहतरीन Free GST Accounting Software डाऊनलोड करें 

Happy Vyaparing!!!

vyaparapp, business accounting, invoicing app. billing, create invoice

You May Also Like

Leave a Reply