भारत में अपने हार्ड-वेयर की दुकान कैसे शुरू करें

इसमें कोई संदेह नहीं कि छोटे व्यवसाय करने का विचार रखने वालों के लिए हार्ड-वेयर कि दुकान एक बेहतरीन विचार हैं| पर सबसे पहले आपको ये सोचना है कि हार्ड-वेयर दुकान जैसा छोटा व्यवसाय आपके लिए सही है या नहीं|

हालाँकि एक अच्छी हार्ड-वेयर कि दुकान औसत के मुताबिक लगभग 10 % मुनाफ़ा अपने रोज़मर्रा कि बिक्री में कमा लेती है| 80 % लोग जो इस व्यवसाय में हैं वह लगभग 2 साल के अंदर अपनी दुकान नुकसान कि वजह से बंद कर देते हैं| इस व्यवसाय में कड़ी प्रतियोगिता है क्योंकि इस व्यवसाय को शुरू करने में ज्यादा कठिनाई या बड़ी चुनौतियों नहीं है| परन्तु पिछले कुछ सालों कि प्रविर्ती ये दर्शाती है कि अगर इस व्यवसाय को सही तरीके से किया जाए तो इसमें बहुत मुनाफ़ा है|

यहाँ आपके लिए कुछ तरीके दिए हैं जो आपको सफलता पूर्वक हार्ड-वेयर दुकान खोलने में मदद कर सकती है:

  1. आपको पता होना चाहिए कि दूसरे हार्ड-वेयर दुकान वाले कौन-सा सामान बेचते हैं|
  • उन सामान कि सूची बनाए जो आमतौर पर हार्ड-वेयर कि दुकान में बेची जाती हैं| एक हार्ड-वेयर दुकान में आपको आमतौर पर ताले, बिजली कि तारे, बर्तन, स्विच बोर्ड, पेंट इत्यादि मिलती है|
  • आप अपने हिसाब से उन सामान कि एक सूची बना लें जो आप अपने हार्ड-वेयर कि दुकान में बेचने में सक्षम हैं|

2. अपनी पूँजी हार्ड-वेयर दुकान में लगाने से पहले मार्किट को पूरे अच्छे तरीके से समझ लें |

  • भारत में हार्ड-वेयर दुकान खोलना एक बेहतरीन व्यवसाय हो सकता है पर इसे शुरू करने से पहले अपने प्रतिद्वेंदी को अच्छे से परख लें जो पहले से इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं|
  • अपने प्रतिद्वेंदी से बचने का सोचने से पहले ही उनसे दूरी बनाना समझदारी है|
  • अपनी पूँजी तय कर लें कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आप अपनी कितनी पूँजी लगाना चाहते हैं|
  • ध्यान रखें कि आपने जितनी पूँजी तय कि है उससे ज्यादा खर्च ना करें|

3. वो सभी कार्य सीख लें जो एक हार्ड-वेयर दुकान के मालिक को प्रतिदिन करनी होती है|

असलियत में हार्ड-वेयर की दुकान में अनुभव की आवश्यकता होती है| जैसे:

  • आपके ग्राहकों को क्या चाहिए?
  • आपके इस व्यवसाय में टिके रहने और बढ़ोतरी के कितने आसार हैं?
  • आपको शुरुवाती दौर में कितना खर्च उठाना पड़ सकता है?
  • क्या कोई क़ानूनी करवाई कि आवश्यकता है, इत्यादि!

4. ऐसे स्थान का पता करे जहाँ इसकी मांग हो और जहाँ इसकी बढ़ोतरी हो सकती है।

  • सबसे पहले एक ऐसी जगह तलाशे जहाँ आपके प्रतिद्वेंदी कम हों और जहाँ हार्ड-वेयर दुकान कि आवश्यकता भी हो|
  • उसके बाद आपको मूल्यों का और इस व्यवसाय में चल रही प्रवर्ति का पता होना चाहिए|

5. मूल्य भुगतान (पेमेंट ) करने के लगभग सभी तरीके को मंज़ूर करें

कई तरह के ग्राहक होते हैं, कुछ लोग नकद देते हैं, कुछ ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, कुछ लोग मज़बूरी में उधर लेने कि भी इच्छा रखते हैं| ऐसे में अगर आप सख़्ती से पेश आएँगे तो हो सकता है कि आपके कई ग्राहक कहीं और चलें जाएँ| आपको हमेशा अपने ग्राहकों कि सुविधा का ख्याल रखना चाहिए|

6. स्थानीय रूप से अच्छे तरीके से प्रचार करें

हार्ड-वेयर दुकान में ज़्यादातर स्थानीय लोग ही आते हैं| इसलिए आपको अपने दुकान का प्रचार भी स्थानीय लोगों को बीच ज्यादा करना होगा इसके लिए आप पर्चे बटा सकते हैं, पोस्टर लगा सकते हैं, एलान करवा सकते हैं गलियों में, इत्यादि|

7. उन उपकरणों पर खर्च करें जिनकी बिक्री जल्दी हो रही हो

अगर आप बिना सोचे समझें खर्च करेंगे तो आपकी पूँजी का सदुपयोग नहीं हो पाएगा इसलिए आपको उस सामान पर खर्च करना है जिनकी बिक्री जल्दी होती है, जैसे , सीमेंट, छड़, कँटिया, टाइल्स, इत्यादि|

8. उपहार देने कि प्रक्रिया अपनाएं

  • अपने सामान्य उत्पादों पर छूट दें और उनकी भरपाई दूसरे छोटे सामानों से करें जैसे आप सीमेंट, स्टील बार , आयरन शीट्स पर छूट दे सकते हैं और इनकी भरपाई आप ताले, कड़ी,सैंडपेपर इत्यादि से कर सकते हैं|
  • कभी भी सामान्य उत्पादों पर अपने ग्राहक से अधिक मूल्य ना लें नही तो वह आपके यहाँ से ख़रीददारी बंद कर सकता है और साथ हीं अपने जानकारों को भी आपके यहाँ ख़रीददारी करने से मना कर सकता है|

9. ख़रीददारी में सुविधा प्रदान करें

अपने ईमानदार और विश्वसनीय ग्राहकों को फ़ोन पर आर्डर करने का विकल्प दें, उन्हें जरुरत पड़ने पर उधर भी दें, मुफ्त में डिलीवरी करें| जब ग्राहक संतुष्ट होते है तो वापस आते हैं और साथ ही आपकी चर्चा दुसरो के सामने भी करते है और उन्हें भी आपके यहाँ से ख़रीददारी करने क लिए प्रेरित करते हैं| यह होना लाज़मी है|

10. अपने ग्राहकों को एक ही जगह सभी ज़रूरतमंद चीज़े उपलब्ध कराए

  • हर वो सामान अपने पास उपलब्ध रखें जिनकी आपके ग्राहकों को जरुरत पड़ती है| इस बात का पूरा ध्यान रखें कि उन्हें आपके प्रतिद्वंद्वी के दुकान पर जाने कि आवश्यकता ना पड़े|
  • अगर कोई सामान आपकी दुकान पर खत्म होने के कगार पर है या खत्म हो चुकी है तो उसे जल्द से जल्द अपनी दुकान पर उपलब्ध कराए|

11. अपने दुकान के सामान कि सूची हमेशा बनाए रखें

आमतौर पर आपको हर दो हफ़्तों में अपने दुकान में रखें सामान कि जाँच पड़ताल कर लेनी चाहिए इससे आपको यह खबर रहेगी कि कौन-सा सामान जल्दी समाप्त हो रहा है, किस उपकरण कि मांग ज्यादा है, कौन-सा सामान आपको मंगवाना है इत्यादि| इसके लिए आप किसी App का प्रयोग कर सकते हैं, जैसे कि Vyapar | इसके इस्तेमाल से आपको खुदबखुद सभी जानकारियों कि समय रहते खबर हो जाएगी| कभी भी अपने ग्राहकों को निराश होकर ना लौटने दें|

Vyapar की ओर से आपके लिए कुछ सलाह

कभी भी अपने दुकान पर व्यर्थ बैठ कर ग्राहकों का इंतज़ार ना करें| जिस हिसाब से आजकल प्रतियोगिता बढ़ रही है, आपको खुद-ही अपने ग्राहकों को इकट्ठा करना होगा|

  • आप किसी व्यक्ति को नियुक्त कर सकते हैं जो अलग अलग जगहों पर जा कर जहाँ भी नए निर्माण हो रहे हो वहाँ जा कर आपके दुकान का प्रचार करे ओर आपके लिए ग्राहक लाए |
  • अपने सामान की सही सूची बनाए रखने में Vypar App आपकी मदद करता हैं इससे आपको सभी चीज़ो का हिसाब रहेगा ओर चोरी की सम्भावना नहीं रहेगी| चोरी का सामना करना आजकल एक बहुत बड़ी चुनौती बन गयी है।

इस सॉफ्टवेयर को अपने मोबाइल में इनस्टॉल करने क लिए यहाँ क्लिक करें- www.vyaparapp.in सभी कुछ डिजिटल संभालने से आपका काफी समय बच सकता हैं|

भरोसा करें आख़िरकार “गुणवत्ता” (क्वालिटी) हीं सबसे बेहतरीन व्यवसाय है|

 

GST से संबंध्ति और नई खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ Vyaparapp.in पर।

बेहतरीन Billing Software for GST डाऊनलोड करें 

Happy Vyaparing!!!

vyaparapp, business accounting, invoicing app. billing, create invoice

You May Also Like

Leave a Reply