भारत में डिपार्टमेंटल स्टोर/ किराने की दुकान कैसे शुरू करें

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क्या आप अपने इलाके में डिपार्टमेंटल स्टोर / किराने की दुकान खोलना चाहते हैं?

अच्छी बात है, लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि एक किराने  के बिज़नेस को शुरू करना कोई बहुत बड़ा मुश्किल काम नहीं है अगर आपके पास जेब में कैश है, लेकिन इसे सफल बनाना एक बहुत मुश्किल काम है। एक डिपार्टमेंटल स्टोर की सफलता सही प्रोडक्ट्स को सही मूल्य पर, सही समय पर, सही लोगों  तक पहुंचाने पर निर्भर करती है।

इसलिए यहाँ बताया गया है कि एक सफल डिपार्टमेंटल स्टोर शुरू करते समय  हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए :

  1. जगह:  ये किसी भी बिज़नेस को शुरू करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ज़रूरी लाइसेंस और परमिट प्राप्त करना बेशक एक पहला कदम है|  लेकिन,एक बड़ा सवाल जिसका जवाब आपको स्टेप 1 से पहले देना ज़रुरी है वह यह है कि आप अपना  डिपार्टमेंटल स्टोर कहाँ खोलना चाहते हैं?   यानी कि आपको पता होना चाहिए कि आपके ग्राहक कहाँ हैं क्योंकि इन्हीं के कारण आपका बिज़नेस सफल या असफल बनता है|

  1. जगह ढूँढना:

  • हालांकि एक अच्छी जगह सफलता की गारंटी नहीं दिलवा सकती है, लेकिन एक खराब जगह आपके बिज़नेस के असफल होने का हमेशा बहुत हद तक कारण बनेगी|  बिज़नेस को कहाँ शुरू करे, यह तय करना उतना ही ज़रूरी है जितना कि बिज़नेस को चुनना।
  • आपको ऐसी जगह चुनने चाहिए जहाँ ग्राहकों के लिए  सुरक्षा, सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट के साधन, पर्याप्त पार्किंग हो।
  • अपने क्षेत्र में कॉम्पिटिटर्स  का भी ध्यान रखें कम्पीटीशन जितना कम होगा, सेल करना उतना ही आसान होगा।
  • एक सबसे अच्छी जगह वह है जो सबकी नज़र में आए, आपके बजट में आए और जिसकी शर्तें आपके लिए अनुकूल हों| विशेष तौर से, एक डिपार्टमेंटल स्टोर नए विकसित क्षेत्रों में अधिक सफल होता है।
  • एक जगह का किराया शहर, स्थान और डिपार्टमेंटल स्टोर के आकार के आधार पर 10,000 रुपये जैसी छोटी रकम से लेकर 10 लाख रुपये तक हो सकता है। एक स्टोर का किराया सुरक्षित तौर पर  बिक्री का 4% से अधिक नहीं होना चाहिए।

2. निवेश:

एक बार जगह चुनने के बाद आप या तो फ्रेंचाइज़ी खरीदने या अपने खुद का डिपार्टमेंटल स्टोर बनाने की योजना बना सकते हैं।

   A .अगर आप फ्रेंचाइज़ी लेना चाहते हैं:

  • कई रेडीमेड डिपार्टमेंटल फ्रेंचाइज़ी स्टोर मौजूद हैं जो आपका पूरा साथ देंगे जिसके लिए आपको एक  फ्रेंचाइज़र को प्रारंभिक शुल्क और चल रही रॉयल्टी का भुगतान करना होगा।
  • बदले में, फ्रेंचाइजी  को ट्रेडमार्क का उपयोग,  फ़्रैंचाइज़र का साथ, और फ्रेंचाइज़र के बिज़नेस के तरीकों  को सीखने और अपने  प्रोडक्ट्स (सामान)  या सर्विसेज (सेवाओं) को बेचने का मौका मिलता है।
  • एक प्रसिद्ध ब्रांड नाम के साथ साथ, फ्रेंचाइज़ी  खरीदने के कई अन्य फायदे हैं जो एक व्यवसायी (इंटरप्रेन्योर) को शुरू से  बिज़नेस शुरू करने में नहीं मिलते हैं। (मुझे नहीं लगता कि एक सामान्य किराना  स्टोर तब तक इतना पैसा कमा पायेगा जब तक कि उनके पास बड़ी संख्या में नियमित ग्राहक न हों)
  • आप इन जगहों पर बहुत से  डिपार्टमेंटल स्टोर और रिटेल फ्रेंचाइज़ी का पता लगा सकते हैं ।
  • –  फ्रेंचाइजी बाजार
  • फ्रेंचाइजी इंडिया
  • फ्रेंचाइज इंटरनेशनल आपके निवेश स्तर से मेल खाता है और आपके इलाके में उपलब्ध है।

    B. अगर आप अपना खुद का स्टोर शुरू (स्क्रैच) से लगाने की योजना बना रहे हैं:

  • फ्रेंचाइजी खरीदने की तुलना में खुद से शुरू किये गए  डिपार्टमेंटल स्टोर कम महंगे होते हैं।
  • निवेश आपके बजट और जगह पर निर्भर करता  है जिसे आप खरीदने के लिए चुनते हैं                                                                                       
  • अपने स्टोर को लोकल पसंद  के अनुसार डिज़ाइन करें जिससे आप उस क्षेत्र के आपके संभावित ग्राहकों के साथ अच्छे सम्बन्ध बना सकें।
  • आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा बिकने वाले सामान की पहचान करें और उन्हें स्टॉक में रखें।
  • ऐसे डिस्ट्रीब्यूटर्स को ढूंढें जो आपको सही  मूल्य पर अच्छे प्रोडक्ट्स दे सकें और इसे जारी रखें।
  • ग्राहकों के साथ एक अच्छा संबंध बनाएं। ग्राहक का आप पर विश्वास बनाएं ।
  • सुनिश्चित करें कि आपके स्टोर में जरूरत का सारा सामान हो जिनकी लोगों को कभी भी जरूरत हो सकती है अगर सारा भी नहीं तो उसका ज्यादातर भाग तो हो|


    3. इन्वेंट्री:

    सबसे पहले, कॉम्पिटिटर स्टोर के दौरे से शुरू करें। स्टोर के प्रोडक्ट्स  को ब्राउज़ करें, उन ब्रांड और प्रोडक्ट्स  के बारे में एक सूची बनाएं । कौन से प्रोडक्ट्स ज्यादा बिक रहे है ? कौन से आइटम्स को हटाना  है?

  • आप प्रोडक्ट्स या तो डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद सकते हैं या तो सीधे थोक विक्रेता (व्होलसेलर्स ) से, लेकिन इनमें से कौन आपको सस्ता पड़ेगा| एक डिस्ट्रीब्यूटर आम तौर पर निश्चित वर्ग में आने वाले प्रोडक्ट्स की बहुत वैरायटी बेचता है। उन्हें लाभ भी कमाना होता है, इसलिए इन आइटम्स की कीमत उन आइटम्स के बजाय ज़्यादा होगी  जिनको आप सीधे निर्माता (मैनुफक्चरर्स) से खरीदते हैं| होलसेल से सामान खरीदने के लिए सबसे अच्छी जगह  ढूंढे ।
  • कभी-कभी, निर्माता (मैनुफक्चरर्स) भी अपने प्रोडक्ट्स को होलसेल मूल्य पर सीधे रिटेलर को बेच देते हैं । अगर वो ऐसा करते हैं, तो वो बड़ी मात्रा में या मिनिमम आर्डर से ज्यादा प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं
  • किसी भी तरह, अगर एक बार आपका स्टोर खुल गया है और बिज़नेस चल रहा है, तो आप पाएंगे कि होलसेल मर्चेंडाइस को बेचना आसान है, क्योंकि आपको उन्हें ढूंढ़ने की जरूरत नहीं होती है, सप्लायर खुद  आप के पास आ जाएंगे
  • सप्लायर को ढूंढ़ने में ग्राहक भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि वे स्टोर में उन प्रोडक्ट्स को रखने की सलाह देते हैं, जिन्हें वे ज़्यादातर खरीदते हैं।
  1. वेंडर(विक्रेता) का चयन:

  • जब आप प्रोडक्ट्स के सभी स्रोतों का पता लगा चुके हों तब हर वेंडर को अलग अलग तथ्यों के आधार पर  परखें। अपने ग्राहकों को सबसे अच्छा मर्चेंडाइस(माल) बेचने के लिए आपको  अच्छे प्रोडक्ट्स, विश्वसनीय डिलीवरी और अच्छी ग्राहक सेवा देने वाले किसी व्यक्ति से सामान खरीदना होगा । ये जानकारी सेल्स प्रतिनिधि से ली जा सकती है कि वे बिज़नेस कैसे करते हैं|
  • ग्राहकों की मांग और चलन के अनुसार प्रोडक्ट्स का चयन करें। आदर्श रूप से, आपके पास लगभग 2 सप्ताह की इन्वेंट्री पूरी  होनी चाहिए, पर ये भारतीय डिस्ट्रीब्यूशन माहौल में काफी मुश्किल हो सकता है| लेकिन एक छोटे स्टोर के लिए 4 सप्ताह से अधिक के लिए अपने कैश को कहीं ब्लॉक करना एक बड़ी बात है ।
  • सोप, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स जैसे एफएमसीजी  प्रोडक्ट्स की शेल्फ लाइफ ज़्यादा होती है। आप उन्हें ज़्यादा लाभ कमाने के लिए थोक में खरीद सकते हैं|        
  • ज़्यादा खरीददारी पर अच्छी डील्स  के लिए मेट्रो, रिलायंस मार्केट जैसे बड़े होलसेलर  के साथ अपना बिज़नेस रजिस्टर करवाएं और आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, नेस्ले, ब्रिटानिया और ऐसी अन्य बड़ी कंपनियों के पास भी जाएं जिनके प्रोडक्ट्स मार्किट में बहुत अच्छा बिज़नेस कर रहे हैं ।  कभी-कभी, वे आपको एक छोटे होलसेलर की तुलना में अच्छी डील्स दे सकते हैं ।                                                                                                                          
  • ख़राब  होनेवाले प्रोडक्ट्स को  बेचने के लिए फर्स्ट इन फर्स्ट आउट (एफआईएफओ) नियम का पालन करें। लेकिन ये भी अनुमान लगाएं कि किन प्रोडक्ट्स को बेचने पर आपको सबसे ज़्यादा लाभ होता है? ये डेयरी प्रोडक्ट्स हैं जैसे कि दूध, मक्खन, चीज, पनीर, जो आपको 20% मुनाफ़ा देते हैं।

         व्यापार की  सलाह:

         डिपार्टमेंटल  स्टोर मालिकों को मार्केटिंग की सलाह की एक पेशकश:                                                                                            

  • सबसे पहले,नियमित बैनर की बजाय  दिलचस्प (इंटरेस्टिंग) स्टोर बैनर डिज़ाइन करें  जिसे लोग याद रखें|                                                                                                              
  • दूसरा, अपने स्टोर पर आने वाले सभी लोगों का मोबाइल नंबर लेने की कोशिश करें|                                                                         एक डिस्काउंट रणनीति की योजना बनाएं और एसएमएस मार्केटिंग के माध्यम से प्रचार करें, इससे ग्राहकों के साथ सम्बन्ध अच्छे होंगे, जिससे ग्राहक आपके पास बार बार आएंगे और माउथ टू माउथ पब्लिसिटी ज़्यादा होगी।                                   
  • काम करने के घंटे (बिज़नेस आवर्स  ): यह वह समय है जब लोगों  के लिए सामान की खरीददारी के लिए रिटेल स्टोर खुला रहता है । सुनिश्चित करें कि आपका स्टोर वीकेंड और छुट्टी वाले दिन भी खुला हो क्योंकि इन्ही दिनों में लोगों को शॉपिंग करने का समय मिलता है|  लोगो के पास खरीदारी के लिए समय होता है । इससे आपके प्रोडक्ट्स जल्दी बिक जाएंगे।

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हैप्पी  व्यापारिंग!!!

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