भारत में या कहीं भी जहाँ आप हों वहाँ अपना कंसल्टेंसी बिज़नेस कैसे शुरू करें

क्या आपको किसी विशेष क्षेत्र में महारत हासिल है? अगर हाँ तो आप किसी कंपनी या किसी व्यक्ति के लिए सलाहकार बन सकते हैं और इसके माध्यम से अधिक तनख्वा कमा सकते हैं|


आप देखे सकते हैं की आजकल किसी भी दिन किसी भी भी उम्र में और कोई भी अपना कंसल्टेंसी फर्म शुरू कर सकता है| आपको बस इतना पता करना है की आपको किस क्षेत्र में महारत हासिल है| भारत में आजकल लोग कंसल्टेंसी क्षेत्र में अधिक आ रहे हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी ने उनके लिए यह काम आसान कर दिया है|

 

अपना कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरू करने के लिए यह रहे 10 आसान स्टेप:

1 )  उसे सीखें जिसमे आप अच्छे हैं!

क्या दूसरों को सलाह देने के लिए आप खुद अनुभवी हैं?

बता करें की आप किस चीज़ में गुनी हैं!

  • उदाहरण, क्या कंप्यूटर पर काम करना आपके लिए काफी आरामदायक है? क्या आप नए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की जानकारी रखते हैं जो लगभग रोज़ हीं बदलती रहती है? और क्या आपको इन सब जानकारी में इतना गहरा ज्ञान है जो दूसरे के काम आ सके और इसके लिए वो आपको पैमेंट करने के लिए तैयार हो? अगर हाँ तो आप कंप्यूटर कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरू कर सकते हैं|
  • क्या आपको इस बात का गहरा ज्ञान है की फंड कैसे जुटाते हैं? हो सकता है की आपने नॉनप्रॉफिट एजेंसी के लिए फंड से जुड़े अलग अलग क्षेत्रों में काम किया हो जैसे- फंड जुटाना, मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन, या सेल, और इस दौरान आपको अच्छे से पता चल गया हो की फंड कैसे जुटाते हैं| अगर ऐसा है तो आप फंड-रेजिंग कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरू कर सकते हैं|

 

2 ) जुसूरी लाइसेंस ले लें 

ध्यान रखें की आपके पास लाइसेंस लेने के लिए आवश्यक योग्यता हो|

  • आपके व्यवसाय के प्रकार के आधार पर हो सकता है की आपको कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरु करने के लिए खास सर्टिफिएशन या लिसेंसेस की जरुरत पड़े|
  • उदाहरण, फंड -रेजिंग कंसल्टेंसी के लिए किसी खास सर्टिफिकेशन की जरुरत नहीं होती पर फिर भी आप नेशनल सोसाइटी ऑफ़ फंड रेजिंग  एक्सेक्यूटिव्ज़ की मदद से सर्टिफाइड बन सकते हैं| और कुछ राज्यों में अपना कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरू करने से पहले आपको प्रोफेशनल फंड रेजिंग कंसल्टेंट के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा|

 

3 ) आप किस तरह के बिज़नेस कंसलटेंट बनना चाहेंगे

हालाँकि आजकल आप किसी भी क्षेत्र में कंसल्टेंट बन सकते हैं पर वह क्षेत्र चुनें जिसमें मांग अधिक है|

कुछ फ़ायदेमंद क्षेत्र :

  • एकाउंटिंग: चाहे व्यवसाय छोटा हो या बड़ा सभी को एकाउंटिंग की जरुरत होती है|

व्यापारियों की आर्थिक सहायता के लिए आप अपना एकाउंटिंग कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरू कर सकते हैं|

  • प्रचार/विज्ञापन (एडवरटाइजिंग) : आपको व्यापारियों द्वारा अच्छे विज्ञापन अभियान योजना के लिए नियुक्त किया जा सकता है|
  • ऑडिटिंग: कोई भी कंसल्टेंट हो फिर चाहे वो छोटे व्यवसाय में यूटिलिटी बिल ऑडिट करता हो या फिर किसी टेलीकम्यूनिकेशन फर्म में बड़े काम सभालता हो, ऑडिटिंग कंसल्टेंट को अपने मेहनत के फल का आनंद ले रहे हैं|
  • बिज़नेस: क्या आपको पता है की व्यवसाय में मुनाफ़ा कैसे लाया जाए? अगर आपको व्यापार का अच्छा ज्ञान है तो आपको बिज़नेस कंसल्टेंसी शुरू करने चाहिए|
  • कंटेंट राइटिंग: सभी को पता है की व्यापारियों को लिखने में बहुत दिक्कत आती है फिर चाहे वो रिपोर्ट लिखना हो या आसान सा मेमो. कंटेंट राइटिंग कंसल्टेंसी बिज़नेस शुरू करें|
  • करियर काउन्सलिंग: करियर कौंसलर्स अपने क्लाइंट्स को उनके प्रोफेशन या जॉब को चुनने में मदद करते हैं जिससे की वह खुश भी हो सके और एक कार्यकर्ता के नाते अच्छा काम भी कर सके| क्या आप इस कार्य में अच्छे हैं अगर हाँ, तो इसे शुरू करने का प्रयास कीजिए|
  •  HR : जब तक व्यवसाय में कार्यकर्ताओं को लेकर दिक्कत रहेगी ( जो की हमेशा हीं होगी) तब-तक इस क्षेत्र में कंसल्टेंट को कॉर्पोरेट क्लाइंट की कभी कमी नहीं होगी| आप कंपनी को अच्छे कार्यकर्ता नियुक्त करने में भी मदद कर सकते हैं|
  • इन्शुरन्स: सभी को इन्शुरन्स की जरुरत होती है और इसलिए इन्शुरन्स कंसल्टेंट की भी ताकि वो उन्हें सही दाम में सही इन्शुरन्स का सुझाव दें सकें|
  • टैक्स: एक टैक्स कंसल्टेंट व्यापारी को क़ानूनी तौर पर काम से काम टैक्स भरने के उपाय बताता है|

 

4 ) अपने मार्केट की पहचान  करें

उन लोगों को ढूंढे को आपको एक विशेषज्ञ की सलाह के लिए पेमेंट करने को तैयार हो|

  • पता करें की आपके ग्राहक कौन हैं|
  • क्या आप बड़े कॉरपोरेशन में काम करना चाहते हैं या आप छोटे व्यापारियों के साथ काम करना पसंद करेंगे?
  • हो सकता है की ज़्यादातर नॉनप्रॉफिट एजेंसी आपकी सर्विस की मांग करे|

 

5 ) अपने क्लाइंट को आपको नियुक्त करने की वजह दें|

सोचे की कोई आपको क्यों रुपए दे|

इन कारणों की वजह से कॉउंसलटेन्ट को नियुक्त किया जाता है:

  • एक कंसल्टेंट को उसकी काबिलियत और विशेषज्ञता के लिए नियुक्त किया जाता है|
  • एक कंसल्टेंट को दिक़्क़तों को पहचानने के लिए नियुक्त किय जा सकता है|
  • किसी कंसल्टेंट को पढ़ाने के लिए नियुक्त किया जा सकता है|
  • कंसल्टेंट को दूसरे लोगों को प्रभावित या प्रोत्साहन देने के लिए नियुक्त किया जा सकता है| ध्यान रखें की आपके कंसल्टेंसी बिज़नेस टीम में ऐसे गुण हों|

 

6 ) सही जगह चुनना 

छोटे से शुरुवात करें|

  • अगर हो सके तो आपको पहले अपने घर से काम करना शुरू करना चाहिए| घर से कन्सल्टन्सी बिज़नेस शुरू करने में यह फायदा है कि आपका खर्च कम होगा और समय कि पाबंदी नहीं होगी|

 

7 ) मदद के लिए नियुक्त करें

अच्छे कार्यकर्ताओं को नियुक्त करना कभी कभी सफलता और असफलता के बिच का अंतर बन जाता है तो कभी नए क्लाइंट लेन और कई सरे क्लाइंट के छूटने का भी अंतर बन जाता है|

किसी का आपके साथ आपके कार्यालय में होना काफी फ़ायदेमंद हो सकता है:

  • अगर कोई आपके रोज़ के नियमित कार्य जैसे ईमेल, फाइलिंग, फ़ोन का जवाब देना इत्यादि करे तो आपका वक़्त बचेगा और ये वक़्त आप नए क्लाइंट बनाने में लगा सकते हैं|
  • आपको हर वक़्त कार्यालय में रहने कि आवश्यकता नहीं होगी|

 

8 ) अपने कंसल्टेंसी बिज़नेस का ऑफ-लाइन प्रचार करें

विचार करें कि आपको किस तरह से आपको अपने कन्सल्टन्सी बिज़नेस का प्रचार करना है|

  • खुद से लोगों को बताना, स्थानीय स्तर पर प्रचार करना, दूसरों के द्वारा सिफ़ारिश करना, यह कुछ तरीके हैं अपने कंसल्टेंसी फर्म में ग्राहक बढ़ाने के लिए|
  • आमतौर पर ऑफ-लाइन प्रचार करना थोड़ा महँगा पड़ सकता है|

 

9 ) ऑनलाइन प्रचार करें 

आपको इस बात का एहसास होना आवश्यक है कि आजकल लोग ज़्यादातर जानकारी के लिए इंटरनेट पर निर्भर होते हैं|

  • अपने कंसल्टेंसी का प्रचार करने के लिए अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करें|
  • अपना पता गूगल मैप पर डालें|
  • फेसबुक जैसे सोशल मीडिया के इस्तेमाल से अधिक से अधिक ग्राहक तक पहुँचने कि कोशिश करें|

 

10 ) अपनी इनकम और बिलिंग मैनेज करें

अपनी फ़ीस सही तय करें न अधिक न कम|

  • अपनी फ़ीस तय करने से पहले पता कर लें कि आपके आस पास के कंसल्टेंट कितनी फ़ीस लेते हैं|
  • अपने प्रतिद्वेंदियों का रेट पता करें| इसके लिए आप कुछ ट्रिक अपना सकते है जैसे, आप उन्हें कॉल कर सकते हैं या उनके पम्पलेट्स मंगा सकते है| अपने रेट भी आप अपने प्रतिद्वेंदियों के हिसाब से हीं सेट करें|
  • जब आप अपना रेट सेट करते हैं तो कुछ चीज़ें ध्यान में रखें जैसे कि आपके प्रति घंटे का काम, आपकी प्रोजेक्ट फ़ीस इत्यादि|
  • अपनी फ़ीस सेट करने से पहले देख लें कि आपने अपने सभी ख़र्च जोड़ें हैं| इसका कोई मतलब नहीं बनता जब अपने रेट सेट कर दिया हो आपके क्लाइंट ने वही रेट आपको समय से दिए पर बाद में आपको पता चले कि आपका नुकसान हो गया क्योंकि आपने कई दूसरे खर्च नहीं जोड़े थे|

 

टेक्नोलॉजी अपनाएं

किसी भी व्यवसाय को शुरू करना आसान है पर उसे सही ढंग से चलते रहना बड़ी बात है|

  • अपना कंसल्टेंसी बिज़नेस खुद से या सिर्फ कुछ लोगों कि मदद से चलाने में काफी दिक्कत या उलझनों का सामना करना पड़ सकता है| अपने एकाउंटिंग के लिए आप Vyapar जैसा बिज़नेस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर सकते हैं|

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