10 ऐसी भयानक ग़लतियाँ जो आप अपने व्यवसाय में कर सकते हैं (और उनसे बचने के तरीके)

सबने ग़लतियाँ  की हुई है| किसने नहीं की? नीचे दी गयी 10 ऐसी आम ग़लतियाँ हैं और इनमें से काम से काम एक गलती तो सभी व्यापारी कभी न कभी करते ही हैं| अगर आपसे ऐसी कोई गलती अभी-तक नहीं हुई है तो आगे भी गलती करने से बचे| 

1 ) सभी कंपनियां शुरुवात में छोटी हीं होती है| आपकी भी कंपनी आज शायद छोटी हो| अगर आप सही तरह से प्लानिंग करें तो आप आगे चल कर अपनी कंपनी को बड़ा बना सकते हैं| खुदसे यह सवाल करें की आप अपनी कंपनी को आज से 1 , 2 ,….5 साल बाद कहाँ देखते हैं| केवल एक अच्छी योजना ही इसे सच्चाई में बदल सकती है| नहीं तो आपको सबकुछ अपनी किस्मत पर छोड़ना होगा|  अगर आपके पास अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए कोई योजना नहीं है तो आपको फैसले लेने में, लोन लेने में ग्राहक इकट्ठा करने में काफी कठिनाई होगी|

उपाय: आप पहले से तय कर लें और लिख कर रख लें की आप आने वाले दिनों में अपने व्यवसाय में क्या क्या बदलाव देखना चाहते हैं| पूरी तरह से जाँच परख कर फैसला करें की आपको यह किस तरीके से करना है|

 

2 ) कई लोग अपना व्यवसाय अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के कहने पर शुरू करते हैं क्योंकि उनके हिसाब से वह एक अच्छी योजना होती है| पर सिर्फ परिवार या दोस्त हीं काफी नहीं होते हैं, व्यवसाय को चलने के लिए आपको ग्राहकों को भी जानना अनिवार्य है|

उपाय: जिस मार्किट में आप काम करने वाले हैं उसको अच्छे से समझ लें, अपने ग्राहकों को अच्छे से समझें की उन्हें क्या चाहिए, वो कितना पेमेंट करने को तैयार हैं, इत्यादि|

 

3 ) क्या आपका व्यवसाय सोल प्रोप्रइटरशिप है या एक कॉरपोरेशन है? किस तरह का व्यवसाय है यह भी चुन लें| सभी तरह के क़ानूनी ख़तरों से बचें|

उपाय: अपने व्यवसाय को शुरु करने से पहले अपनी योजना के बारे में  एक वकील और एकाउंटेंट के साथ बात कर लें| 

 

4 ) क्या आपके ग्राहक ऑनलाइन हैं? उन्हें जो भी चीज़ चाहिए होती है वो उसे गूगल पर ढूंढते हैं| ध्यान दें की वो आपके प्रोडक्ट को भी देख पाएँ|

उपाय: अपना एक फेसबुक पेज बनाएँ, अपना पता गूगल मैप पर डालें, अपनी वेबसाइट बनाएँ, इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाएँ| इन-सब की वजह से आप ऑनलाइन प्रचार कर पाएंगे|

 

5 ) हमेशा उतना ही क़र्ज़ लें जितना आप चुका पाएँ| आवश्यकता के अनुसार हीं लोन लें न उससे अधिक न कम| आने वाले सभी जोखिमों को जांच परख कर तय कर लें की आपको कितने लोन की आवश्यकता होगी और उसी हिसाब से लोन लें| 

उपाय: अपने दिनचर्या के हिसाब से अपने नुकसान और फायदे का हिसाब लगाएँ| अपने व्यवसाय में साप्ताहिक और मासिक बढ़ोतरी को नापें| आपके एकाउंटिंग एप्लीकेशन से आपको यह रिपोर्ट मिल जाएगी| अगर आपके पास कोई एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नहीं है तो अपने व्यवसाय के ट्रांसैक्शन के लिए इसे इस्तेमाल करना शुरू करें| व्यापार एप्लीकेशन को इस्तेमाल करें| इससे आपको अपने व्यवसाय में होने वाले फायदे नुकसान के बारे में पता चलता रहेगा| आप अपने पैसे सोच समझ कर पाएंगे|

 

6 ) कभी भी अपनी बिक्री अत्यधिक कम या अधिक रकम पर न बेचे| अगर आप बहुत ज़्यादा रकम लेते हैं तो आपके ग्राहक छोड़कर चले जाएंगे और अगर आप बहुत काम रकम लेते हैं तो आपका काफी नुकसान होगा|

उपाय: मार्केट में  दाम पता कर लें और उसी हिसाब से अपना मुनाफ़ा तय करें| पता करें की आपके प्रतिद्वेंदियों ने कितने दाम तय कर रखें और उसी हिसाब से आप भी अपने सामान का मूल्याङ्कन करें|

 

7 ) ऐसा नहीं है की ज़्यादा रूपए खर्च करने से आपको मुनाफ़ा मिलेगा हीं मिलेगा|

उपाय: दूसरों से अलग सोचें| आपके पास जो भी व्यवस्था हो उसका पूर्ण उपयोग करें| अगर आप पहले से घाटे में चल रहें है तो अपने लोन का पैसा भी खो सकते हैं| इसलिए समझदारी से काम लें|

 

8 ) आपको पता है की आपका सामान सबसे अच्छा है पर आपके ग्राहकों को यह बात नहीं पता है| यह आप बात आप अपने ग्राहकों को प्रचार कर के बता सकते हैं|

उपाय: प्रचार करने से आपका खर्च नहीं होता बल्कि आपका फायदा होता है| अपने ग्राहकों तक पहुँचने का रास्ता ढूंढे| आप अपने व्यवसाय का प्रचार अख़बार में कर सकते हैं इससे आप स्थानीय लोगों का अपना ग्राहक बना सकते हैं| प्रचार करना आपके लिए काफी फ़ायदेमंद होगा|

 

9 ) जब भी कोई नई बिक्री करते हैं या ख़रीद करते हैं, या कोई भी कैश सेटल करें तो उसको लिख कर रखें ताकि भविष्य में आप इसे देख सकें| अगर आप इन-सब का हिसाब नहीं रखेंगे तो अगर अकाउंट में कुछ गलत हुआ तो आपको काफी मुश्किल होगी|

उपाय: अपने व्यवसाय का हमेशा अकाउंट बुक बनाएँ रखें| vyapar जैसे बिज़नेस एकाउंटिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल करें इससे आपको काफी सुविधा होगी आपका सभी काम आपके मोबाइल पर हीं हो जाएगा|

 

10 ) व्यापारियों को एकाउंटिंग में कोई दिलचस्पी नहीं होती है|  जैसे जैसे आपका व्यवसाय बढ़ता है आप कोशिश करते हैं की आप एकाउंटिंग का काम किसी और कार्यकर्ता को सौंप दें| इससे आपके कैश फ्लो में दिक्कत आ सकती है|

उपाय: भले ही आपका कोई कार्यकर्ता आपका अकाउंट संभालता हो पर फिर भी आपको अपने व्यवसाय में होने वाले दिनचर्या के बारे में पता होना चाहिए| vyapar जैसे एप्लीकेशन के मदद से आप अपने व्यवसाय के रोज़ के फायदे नुकसान देख सकते हैं, अपने बैंक के कहते और स्टॉक्स को भी किसी भी वक़्त देख सकते हैं|

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