Home » Business Tips » 14 चीज़ें जो भारतीय SME को विकसित देशों के SMEs से सीखना चाहिए

14 चीज़ें जो भारतीय SME को विकसित देशों के SMEs से सीखना चाहिए

  • by

विकसित  देशों के  SMEs टेक्नोलॉजी  में बहुत आगे हैं| इससे  उन्हें अपने प्रतिद्वेंदियों  के बिच काफी फायदा होता है| वे  अपने ग्राहकों को समय पर बेहतर सेवा  देते हैं| टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर के  वह अपने ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट/सर्विस  की नयी चीज़ों के बारे में बताते हैं|

इन्वेंटरी  ट्रैक करना, बिल  जेनेरेट करना, पेमेंट  लेना, यह सब डिजिटल होता  है| वह चीज़ों को आसान और  आटोमेटिक कर के अपना काफी वक़्त  बचा लेते है| बहुत अच्छी बात है ना?


आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे 

10 फायदे जो रीटेल स्टोर में इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से होंगे

8 तरीकों से बिलिंग सॉफ्टवेयर बिज़नेस परचेस को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करता है

विकसित  देशों में  SMEs अपने व्यवसाय  को बहुत ध्यान से चलाते  हैं| वह अपने व्यवसाय की प्रगति  को हमेशा ट्रैक करते रहते है ताकी  उन्हें यह पता चल सके की उनका व्यवसाय  सही चल रहा है या नहीं| वह अपने हर दिन  के मुनाफ़े को जांचते हैं| वह समय समय पर अपने  लिए नए लक्ष्य बनाते रहते हैं|

वह  अपने  व्यावसायिक  समस्याओं को  शुरुवात में हीं  पहचान लेते हैं और  अपनी इनकम को बढ़ाने के  लिए सभी मौके का इस्तेमाल  करते हैं|

दुनिया  हर दिन बदल  रही है और इसके  साथ ही जनसंख्या बदल  रही है, ग्राहकों की प्रविर्ती  बदल रही है, टेक्नोलॉजी बदल रही  है यहाँ तक की अर्थव्यवस्थाएं भी  बदल रही है| विकसित देशों के SMEs इन  सभी बदलती परिस्थियों का सामना करने के  लिए पहले से तैयार होते हैं और बदलाव के  अनुसार ही खुद को और अपने व्यवसाय को भी ढाल  लेते हैं|

आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे:

10 छोटे व्यावसायिक योजना जो छोटे शहरों और गावों में भी किया जा सकता है

विकसित  देशों के  SMEs अपने व्यवसाय  को पूरा आटोमेटिक बना  कर रखते हैं इसलिए किसी  प्रकार की बरबादीका सवाल  ही नहीं होता फिर चाहे वो समय  की बर्बादी हो या पैसो की|

उनका व्यवसाय  पूरा डिजिटलाइज होता है वह हमेशा ट्रैक करते  हैं की कोनसा स्टॉक अधिक है, कोनसा स्टॉक एक्सपायर होने  वाला है, कोनसे स्टॉक की बिक्री तेज़ी से हो रही है, इत्यादि|

इस  सबसे उन्हें कभी भी स्टॉक की बरबादी या जरुरत से अधिक स्टॉक होने  की परेशानी का सामना नहीं करता पड़ता है| क्या अपने व्यवसाय को डिजिटलाइज करने  का यह सही वक़्त नहीं है?

आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे:

 इन 9 कारणों की वजह से आपको अपने व्यवसाय को बचने के लिए अपने व्यवसाय का बीमा कराना चाहिए|

लोगों  को क्वालिटी  से बहुत फर्क  पड़ता है| ग्राहकों  के विश्वास को बनाये  रखने का यह एक मात्र तरीका  है जिससे की ग्राहक हमेशा आते  रहें| विकसित देशों के SMEs को यह  बात भलीभांति पता है| कुछ भी हो जाये  वह अपनी प्रतिष्ठा को अच्छे क्वालिटी के  प्रोडक्ट/सर्विस की मदद से बनाये रखते हैं|

अच्छी  कस्टमर सर्विस  के साथ ही ग्राहकों  को संतुष्टि मिलती है| जब  ग्राहक खुश होते है तो वो  आपके ईमानदार ग्राहक हो जाते  हैं और हमेशा आपके यहाँ से हीं  ख़रीददारी करते हैं| इसलिए यह पाया  जाता है की विकसित देशों के SMEs सभी  को उत्तम कस्टमर सर्विस प्रदान करते हैं|

विकसित  देशों के  90% SMEs के  पास एकाउंटिंग  सॉफ्टवेयर की मदद  से अपने बिज़नेस का  सही रिकॉर्ड होता है| इसकी  मदद से वह एकाउंट, कैश इन हैंड, पेमेंट, टैक्स, और  ख़र्चों को आसानी से  ट्रैक  कर पते  हैं जो की  हर उस व्यापारी  के लिए आवश्यक है  जो अपने व्यवसाय को  बढ़ाना चाहते हैं| 

सच्चाई  यह है की  10 में जो 7 ग्राहक  आपके पास होते हैं वह  आपके व्यवसाय के बारे में  अपने जान पहचान के लोगों को  बताते हैं जिससे की आप अपनी बिक्री  को 5 गुना बढ़ा पाएंगे|

ग्राहकों  को बढ़ाना मुश्किल  है पर बहुत आवश्यक  भी है| इसलिए विकसित देशों  के SMEs अपने मौजूदा ग्राहकों  को अपने साथ रखने की पूरी कोशिश  करते हैं ताकी वे उन्हीं से प्रोडक्ट/सर्विस खरीदते  रहें|

सफल  SMEs अपने  व्यवसाय का  लगातार प्रचार  करते हैं| इससे उनका  व्यवसाय बढ़ता है| इससे  वह नए ग्राहकों को आकर्षित  कर पाएंगे और अपनी बिक्री बढ़ा  पाएंगे| अगर आप चाहते हैं कीआपका व्यवसाय  चलता रहे  तो आपको भी  अपने व्यवसाय का  लगातार प्रचार करना  होगा|

होशियार  व्यापारी अपने  पैसों का सही इस्तेमाल  करते हैं| वह अपने व्यवसाय  की बढ़ोतरी में, अपने कार्यों  को बेहतर करने के लिए सही उपकरण  खरीदने में, सही जगह को खरीदने या किराये  पर लेने में,और जल्दी बिक्री होने वाले प्रोडक्ट्स  में, खर्च करते हैं|

वह कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने  में भी खर्च करते हैं ताकी वह उनसे वह सब काम करा सकें  जो अधिक आवश्यक नहीं हो और अपना समय बचा सकें| आप भी अपने  खर्च होशियारी से करें|

आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे:

9 तरह के छोटे व्यावसायिक बीमा और उसमे क्या क्या शामिल होते हैं|

इन 3 सरकारी योजनाओं के अंतर्गत छोटे व्यापारी Rs 2 करोड़ तक का लोन अप्लाई कर सकते हैं|

हर  रोज़ लोग  इंटरनेट पर  अपने जरुरत के  प्रोडक्ट और सर्विस  को ढूंढते हैं| अगर आप  अपने व्यवसाय को ऑनलाइन विकसित  करते हैं तो आप अधिक प्रोफेशनल बनते  हैं| ठीक इसी तरह से हीं विकसित देशों  के SMEs अधिक ग्राहकों तक पहुँच पते हैं| अपनी  ऑनलाइन यात्रा शुरू करें|

आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे:

ऑनलाइन बिक्री करने के 6 आसान तरीके: कैश ऑन डिलीवरी के साथ!

इन 17 वजहों से हर छोटे व्यापारी को सोशल मीडिया पर मार्केट करना चाहिए

एक  अच्छा  व्यापारी  हमेशा हीं  बदलती प्रविर्तियों  पर ध्यान देता है| ग्राहकों  को समझने में काफी समय लग सकता  है|

विकसित  देशों के  SMEs बिज़नेस  ट्रेंड का काफी  ध्यान रखते हैं ताकी  उन्हें पता चल सके की  आज क्या हो रहा है और कल  क्या होगा| इससे उन्हें अपने व्यवसाय  को बेहतर करने के और दूसरे कई नए तरीकों  के बारे पता चलेगा|

आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे:

10 परेशानियाँ जिसका सामना हर छोटे व्यापारी को करना होता है(और इन्हें कैसे ठीक किया जाये)

जो  भी SMEs अपने  बिज़नेस की प्रक्रिया  को डिगिटिलाइज़ करता है  उसके दिनचर्या के कार्यों  में काफी बढ़ोतरी होती है| डिजिटिलाइज़ करने  की वजह से आपका कार्य अच्छे तरीके से हो  पता है और आपके ग्राहकों का अनुभव भी बढ़ता  है| यही कारण है की विकसित देशों के SMEs अपना  ध्यान व्यवसाय को डिगिटिलाइज़ करने में केंद्रित करते  हैं|

आप  शायद  यह भी  पढ़ना चाहेंगे:

10 कॉस्ट काम करने के टिप्स: अपने व्यवसाय को अब कम रुपयों में भी चलाएँ

सभी  व्यवसाय  की अपनी अपनी  ताकत और कमजोरियां  होती है| इसलिए विकसित  देशों के SMEs दूसरे व्यापारियों  के साथ पार्टनर-शिप करते हैं ताकी  अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री कर सकें और  दोनों ही एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त कर  सकें|

नए बिज़नेस टिप्स के उपदटेस के लिए जुड़े रहें Vyaparapp.in पर  

डाउनलोड करें बेहतरीन फ्री बिलिंग सॉफ्टवेयर

Happy Vyaparing!!!

Leave a Reply