31 जुलाई से पहले आईटीआर(ITR) भरें: यहाँ बताया गया है कि एसएमई(SME) बिज़नेसमैन को क्या क्या जानकारी होनी चाहिए

July 31st, ITR, return filing

क्या आप एक ऐसा बिज़नेस चलाते हैं जिसकी आय 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा है? या आप अपना कोई काम करते हैं (सेल्फ-एम्प्लॉयड) जिसमें  आप 25 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं? अगर आप इनमें से कोई भी एक हो , तो 31 जुलाई आपके लिए एक महत्वपूर्ण तारीख हो सकती है और इसलिए यहाँ बताया गया है कि आपको आईटीआर भरने के लिए क्या क्या जानकारी होनी  चाहिए:

एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट से टैक्स ऑडिट करवाएं :

अगर आय आपके पेशे/प्रोफ़ेशन से है:

अगर आप एक फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) में 50 लाख रुपये से ज़्यादा कमाते हैं तो आपके लिए टैक्स ऑडिट ज़रूरी है

लेकिन अगर आपकी आय 50 लाख रुपये से कम है, तो आपको कुल आय के  50% पर इनकम टैक्स (आयकर का भुगतान) देना होगा, नहीं तो ऑडिट की ज़रूरत होगी।

अगर आय आपके बिज़नेस से है:

अगर आप एक बिज़नेसमैन हैं और 2 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमाते हैं, तो आपके लिए ऑडिट ज़रूरी है

लेकिन अगर बिज़नेसमैन  के रूप में आपकी आय 2 करोड़ रुपये से कम है, तो आपको कुल आय के 8% पर इनकम टैक्स देना होगा, नहीं तो ऑडिट की ज़रूरत होगी।

ऑडिट का मकसद उस आय  का पता लगाना है जिस पर टैक्स लगता है। अगर आपने अपनी अकाउंट बुक्स (बही खाते ) को डिजिटल रूप में व्यापार जैसे बिज़नेस अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके तैयार किया हुआ है, तो यह आपके लिए कोई बड़ी परेशानी की बात नहीं होगी|

टैक्सेज़ जो इनकम टैक्स एक्ट (आयकर अधिनियम) के तहत बताए गए हैं, उनका भुगतान ऑडिट के बाद ही किया जा सकता है। टैक्स ऑडिट के बाद, उस फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) कुल आय पर भरें।

सभी बिज़नेसेज़ और पेशे (प्रोफेशंस) जिनका  टैक्स ऑडिट हुआ है, उनके लिए यह जरूरी है कि  वे इनकम टैक्स रिटर्न (आयकर रिटर्न) के साथ ऑडिट रिपोर्ट्स की  इ-फाइल लगाएं /

अपना आईटीआर(ITR) भरें

अलग-अलग हालातों  के आधार पर बिज़नेसमैन के लिए आईटीआर(ITR) भरने के अलग-अलग तरीके हैं। सरकार ने बिज़नेस और पेशे (प्रोफ़ेशन) के इनकम टैक्स(आयकर) भरने के लिए आईटीआर(ITR) -3, आईटीआर(ITR) -4, आईटीआर(ITR) -5, आईटीआर(ITR) -6, और आईटीआर(ITR) -7 को निर्धारित किया है।

अगर आप  यह नहीं जानते हैं कि कौन सी आईटीआर (ITR) फाइल करनी है ? तो आइए इस पर एक नजर डालते हैं:

आईटीआर(ITR)- 3

नीचे दिए गए  स्रोतों से कमाने वाले  व्यक्ति आईटीआर 3 भर सकते हैं:

  • प्रोप्राइटरी बिज़नेस या पेशा(प्रोफ़ेशन)
  • इसके अलावा, इस टैक्स रिटर्न में घर संपत्ति, वेतन / पेंशन और अन्य स्रोतों से होने वाली आय शामिल हो सकती है

आईटीआर(ITR)- 4

अगर आपने इनकम टैक्स एक्ट (आयकर अधिनियम) की धारा 44 AD(एडी),  धारा 44 ADA(एडीए) और धारा 44 AE(एई) के अनुसार अनुमानित आय योजना को चुना है तो इस आईटीआर को भरें। हालांकि, अगर आपके बिज़नेस का टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से ज़्यादा है, तो आपको आईटीआर -3 भरना होगा।

आईटीआर(ITR)- 5

आईटीआर(ITR)-5 फर्मों, एलएलपी (सीमित देयता भागीदारी/लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप ), एओपी (व्यक्तियों का संघ/एसोसिएशन ऑफ़ पर्सन्स) और बीओआई (व्यक्तियों का समूह/बॉडी ऑफ़ इंडिवीजुअल्स) के लिए है।

आईटीआर(ITR)- 6(यह रिटर्न केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप से भरी जाती है)

धारा 11 के अंदर दी गयी छूट का दावा करने वाली कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियां (धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति से आय)।

आईटीआर(ITR)- 7

अगर आप नीचे दिए गए क्षेत्रों में से किसी से संबंधित हैं तो आपको यह आईटीआर(ITR ) फाइल करने की ज़रुरत है:

  • साइंटिफिक रिसर्च एसोसिएशन (वैज्ञानिक अनुसंधान संघ)
  • समाचार एजेंसी
  • धारा 10(23A) में बताए गए संघ या संस्थान
  • धारा 10(23B) में बताए गए संस्थान
  • फंड या संस्था या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान।
  • अगर आपकी आय ट्रस्ट के तहत आने वाली संपत्ति से या धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों या ऐसे ही किन्हीं उद्देश्यों के लिए अन्य कानूनी दायित्व से ली गई संपत्ति से है ।

आपके बिज़नेस के प्रकार के आधार पर, पहले बताए गए फॉर्मों में से कोई भी एक आईटीआर फॉर्म जो आपके बिज़नेस पर लागू होता है आप भर सकते हैं।

आईटीआर फाइल करने के लिए ज़रूरी डॉक्युमेंट्स:

  1. लाभ और हानि अकाउंट और बैलेंस शीट
  2. बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स (बही खाते) (यदि लागू हों)
  3. बैंक स्टेटमेंट्स
  4. बिक्री रजिस्टर्स या पूरे साल की बिक्री की जानकारी
  5. खरीद रजिस्टर्स या पूरे साल की खरीद (कैपिटल एसेट/पूंजीगत संपत्ति) की जानकारी
  6. TDS सर्टिफिकेट / फॉर्म 16A (यदि उपलब्ध हो )
  7. VAT रिटर्न/सर्विस टैक्स रिटर्न
  8. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
  9. बिजनेस से संबंधित खर्चे की जानकारी
  10. बिजनेस आय के अलावा अन्य आय (कैपिटल गेन, वेतन, किराया, ब्याज, आदि) की जानकारी
  11. टैक्स बचत के लिए किए गए निवेश के सबूत

सही और तत्काल एक्सेस के लिए, यह सलाह दी जाती है कि हमेशा बिज़नेस  अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर से अपना बिज़नेस डेटा बनाएं l अगर आपके पास कोई अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नहीं है, तो  भारतीय बिज़नेस के लिए सबसे अच्छा GST- कम्पेटिबल अकॉउंटिंग सॉफ्टवेयर व्यापार का इस्तेमाल करना शुरू करें – फ्री  ट्रायल के लिए अभी डाउनलोड करें।

बिजनेस इनकम रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथियां (ड्यु  डेट्स ):

यदि आप किसी फर्म या LLP में एक कार्यकारी पार्टनर हैं,

 

  • 31 जुलाई गैर-ऑडिट केस के लिए अंतिम तारीख है
  • 30 सितंबर ऑडिट केस के लिए अंतिम तारीख है

 

साझेदारी फर्म और एलएलपी  के लिए,

 

  • 31 जुलाई गैर-ऑडिट केस के लिए अंतिम तारीख है और

 

  • 30 सितंबर ऑडिट के केस में अंतिम तारीख है

अंत में, ट्रस्ट के लिए ये  अंतिम तिथियां हैं ,

  • 31 जुलाई गैर-ऑडिट केस के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख  है और
  • 30 सितंबर ऑडिट के केस में अंतिम तारीख है

संक्षेप में, ऑडिट केस 30 सितंबर तक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं जबकि अन्य 31 जुलाई से पहले फाइल करेंगे। अंत में, अगर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख नजदीक आ रही है, तो बेहतर है कि  जल्दी करें इससे पहले कि बहुत देर हो जाए l

हैप्पी व्यापीरिंग!!!

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