7 छोटे  व्यावसायिक  योजनाएं घरेलू  महिलाओं के लिए

जा  चुके  वह दिन  जब व्यवसाय  में सिर्फ मर्दों  को पाया जाता था| अब  हम कई महिला व्यापारी देख  सकते हैं| भारत में व्यवसाय में  महिलाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही  है| हम लगभग सभी क्षेत्रों में महिलों  को आगे देख सकते हैं, फिर चाहे वो डिफेंस  हो, इंजीनियरिंग हो, मेडिकल हो या और कोई क्षेत्र  महिलाएं हर क्षेत्र में है|

जब  हमारे  यहाँ महिलाएं  हर क्षेत्र में  हैं तो फिर व्यवसाय  में महिलाएं पीछे क्यों  रहें| एक घरेलू महिला भी व्यवसाय  के माध्यम से आत्मनिर्भर हो सकती है|

अगर  आप भी  उन महिलाओं  में से हैं जो  अपनी पहचान बनाना  चाहती है और घरेलू  होने के बावजूद भी आत्मनिर्भर  बनना चाहती है तो यह रहे कुछ व्यावसायिक  योजनाएं जो आपके काम आ सकती है:

डेकेयर  सेंटर/बबीसीटिंग 

daycare

शहरी  क्षेत्रों  में कई कामकाजी  जोड़े हैं| कामकाजी  माता-पिता के लिए घर  और काम दोनों को बनाए  रखना बहुत मुश्किल हो जाता  है| उन्हें बच्चे को संभालना बहुत  मुश्किल लगता है क्योंकि अधिकाँश परिवार  अकेले रहते हैं| यही कारण है की इन दिनों  डेकेयर या बबीसीटिंग की अवधारणा को लोकप्रियता  मिली है|

माना  जाता है  की महिलाएं  आमतौर पर सभी  की देखभाल करती  हैं, और यह उनका प्राकृतिक  रूप है, इसलिए, माता-पिता बच्चों  की देखभाल के लिए महिलाओं की तलाश  करते हैं| अगर आप भी उन महिलाओं में  से हैं जो बच्चों से प्यार करती हैं और  बच्चों को संभालने में अपना धैर्य नहीं खोती  हैं तो यह आपके लिए एक सही विकल्प होगा|

इस  मामले  में, आपके  पास कई विकल्प  हैं, यदि आपके पास  बहुत कम पूँजी है और  आप इसे बड़े पैमाने पर नहीं  करना चाहती हैं, तो शुरुआत में, आप  माता-पिता के घर पर जा सकती हैं और  वहां हीं बच्चे को संभाल सकती हिऐं और  उनकी गेहाज़री में उनके बच्चों का ख्याल रख  सकती हैं|

इसके साथ, आपको अनुभव भी प्राप्त होगा  और फिर आप एक डेकेयर सेंटर खोल सकती हैं| लेकिन अगर  आपके पास पर्याप्त पूँजी है और आपको खुद पर विश्वास है  की आप डेकेयर सेंटर चला सकती हैं तो आप ऐसा भी कर सकती हैं|

आपको  इससे संबंधित क़ानूनी कार्रवाहियों की जांच करनी होगी| अगर आपको कोई आपत्ति  न हो तो आप किसी डेकेयर सेंटर में एक कर्मचारी के रूप में भी काम कर सकती  हैं|

ब्यूटी  पारलर 

Beauty parlour 

हालांकि  फैशन सिर्फ  महिलाओं के बारे  में नहीं है, लेकिन  फिर भी जब हम सुंदरता, फैशन, पारलर आदि  जैसे शब्दों को सुनते हैं, तो हम हमेशा  महिलाओं की कल्पना करते हैं|

यहाँ तक की महिलाओं  को भी अपने रूप को निखारना पसंद है पर यह वो किसी  दबाव में नहीं करती बल्कि इसलिए करती हैं क्योंकि उन्हें  भी अपनी सुंदरता को निखारना पसंद है|

अगर  आपको फैशन  का शौक है तो  बुटीक या ब्यूटी  पार्लर खोलना आपके  लिए बेहतरीन व्यवसाय  हो सकता है| इसके लिए  आपको ब्यूटिशियन कोर्स करना  होगा| उसके बाद, आप अनुभव प्राप्त  करने और चीजों को बेहतर ढंग से सीखने  के लिए किसी अन्य पारलर में काम कर सकती  हैं|

एक बार जब आप पर्याप्त अनुभव प्राप्त कर  लेती हैं और पर्याप्त पूँजी एकत्र कर लेती हैं  तो आप अपना ब्यूटी पारलर खोल सकती हैं| ध्यान रखें  की इसके लिए बहुत अधिक अनुभव की आवश्यकता है क्योंकि  इस पेशे में एक लापरवाही बहुत बुरे परिणाम ला सकती है|

टिफ़िन  सर्विस 

Tiffin service

भारत  में विभिन्न  प्रकार के व्यंजन  मिलते हैं और सभी को  अलग अलग प्रकार के भोजन  पसंद होते हैं| इन दिनों काम  के कारण कई लोग विभिन्न शहरों  में जाने के लिए मजबूर हो जाते  हैं|

कई युवा जो या तो कॉलेज में  हैं या काम कर रहे हैं, अपने घरों को  छोड़कर बेहतर अवसरों और उत्तम भविष्य के लिए  विभिन्न शहरों में चले जाते हैं| इनमें से अधिकतर  को खाना बनाना नहीं आता और इसलिए वे बहार से खाना  खाने के लिए मजबूर हो जाते हैं, जैसे मेस, होटल, इत्यादि|

यहां  तक ​​की अगर वे खाना बनाना जानते हैं, तो भी हर दिन भोजन तैयार  करना मुश्किल है और इसमें कोई शक नहीं है की उन्हें घर के खाने की  बहुत याद आती है|

अगर  आपको खाना  बनाना पसंद है  और आप बहुत प्रकार  के व्यंजन बेहतरीन तरीके  से बना सकती हैं तो टिफ़िन  सर्विस शुरू करना आपके लिए सबसे  बेहतरीन विकल्प होगा| आप इसे अपने घर  से भी शुरू कर सकती हैं|

अगर शुरुवात में  आपको अगर 15 से 20 टिफ़िन का भी आर्डर मिलता  है तो भी एक अच्छी शुरुवात होगी| इस व्यवसाय के  लिए आपको सभी कागज़ी कार्यवाही पूरी करनी होगी| आग सहित  सभी मंजूरियां प्राप्त करें| एक बार आपका व्यवसाय शुरू हो  जाये तो उसके बाद आपको ग्राहकों की कमी नहीं होगी|

हस्त  शिल्प (हैंडमेड क्राफ्ट)

hast shilp (handmade crafts)

जो  चीजें  मुश्किल  से मिलती  हैं, उनका वास्तव  में बहुत महत्व है| एक  समय था जब लोग केवल हाथ  से बनायीं चीजों का उपयोग  करते थे यहाँ तक की कपड़े भी  हाथ से ही बनाये जाते थे मशीन  से नहीं|

जो चरखा गाँधी जी ने हमें  सिखाया था, उसके इस्तेमाल को कोई नहीं  भूल सकता| पर जैसे जैसे नयी तकनीकियां आती  गयी सभी मानव निर्मित चीज़ों का इस्तेमाल करने  लगे और हस्तनिर्मित चीज़ें काफी कम हो गयी|

यह  दुखद  है लेकिन  यह सच है की  बहुत सारे लोग हमारी  परंपरा और संस्कृति से  दूर चले गए हैं लेकिन फिर  भी, वे किसी तरह से हस्तनिर्मित  शिल्प या पारंपरिक चीजों को ख़रीद कर  अपनी परंपरा से जुड़े रहने की कोशिश करते  है क्योंकि वो खुद उन चीज़ों को नहीं बना सकते  हैं|  

हमने  बहुत से  बाँस के काम, हाथ  से बने कपड़े, शिल्प  इत्यादि देखे हैं, इनमें  बहुत सारे कौशल की आवश्यकता  होती है| हर कोई ऐसा नहीं कर  सकता| कुछ लोग जिनके पास ऐसा कौशल  है और जो उनकी परंपरा का पालन करते  हैं, वे इसे हीं अपना पेशा बना लेते हैं| उदाहरण  के लिए, हम अभी भी दिये, कुल्हड़ (मिट्टी से बनी चीजें) देख  सकते हैं|

अगर  आपके पास  भी ऐसा हुनर  ​​है तो आप हाथ  से बने शिल्प का अपना  व्यवसाय शुरू कर सकते हैं| मानो  या न मानो अगर आप इसे ठीक से संभालेंगे  तो आपको कभी भी नुकसान का सामना नहीं करना  पड़ेगा|

आपको कई ग्राहक मिलेंगे क्योंकि लोग ऐसी  चीजों के बहुत शौकीन होते हैं| आप अपने उत्पादों  को ऑनलाइन जैसे Amazon, Flipkart और कई अन्य e-commerce वेबसाइट  पर भी बेच सकते हैं|

ट्यूशन  पढ़ना 

Tution padhana

महिलाओं  को मृदुभाषी, विनम्र  और समझदार माना जाता  है क्योंकि उन्हें अधिक  धैर्य-वान माना जाता है| कई  छात्र और यहां तक ​​की माता-पिता  भी महिला शिक्षक को पसंद करते हैं|

कोई  अपने बच्चों को ट्यूशन के लिए तभी भेजता है  जब उन्हें लगता है की स्कूल में पढ़ाई पर्याप्त  नहीं है या बच्चा थोड़ा धीमे सीखता है या वे चाहते  हैं की उनके बच्चे कक्षा में आगे रहें|

अगर  आपको पढ़ाना  पसंद है तो यह  आपके लिए सबसे अच्छा  विकल्प है| आप या तो अपने  घर पर ट्यूशन क्लास शुरू कर  सकते हैं या आप अनुभव के लिए  शुरुआत में होम ट्यूशन से शुरुआत  कर सकते हैं|

आप अपने इलाके में छात्रों  को खोज सकते हैं या किसी वेबसाइट पर खुद  को ट्यूटर के रूप में रजिस्टर कर सकते हैं| इसके  लिए कई वेबसाइट उपलब्ध हैं, उदाहरण के लिए, Flipclass.

बेहतर  होगा की  आप शुरुआत  में प्राथमिक  बच्चों को पढ़ाएं| ज्यादातर  ट्यूशन क्लास 1 घंटे या अधिकतम  डेढ़ घंटे की होती हैं| आपको प्रति  घंटा या मासिक आधार पर पेमेंट किया  जाएगा, जो भी आपको ठीक लगे| इससे बच्चे  का भविष्य जुड़ा है तो आप खुद को थोड़ा ज़िम्मेदार  साझेन उस बच्चे के प्रति|

खाना बनाना  सिखाए 

khana banana sikhayen

आज  सोशल  मीडिया  अपनी प्रतिभा  दिखाने का सबसे  अच्छा मंच है| अगर  आप खाना बनाना अच्छी  तरह जानते हैं तो आप अपना  कुकरी शो शुरू कर सकते हैं| आप  अपने वीडियो को रिकॉर्ड कर सकते हैं  और इसे Youtube, Facebook, Instagram पर पोस्ट  कर सकते हैं|

अपने दर्शकों को अलग-अलग व्यंजन दें और यह आकर्षक होना  चाहिए क्योंकि पहले से ही बहुत सारे अन्य वीडियो उपलब्ध हैं  Youtube पर| यह आप शुरुआत में कर सकते हैं|

बाद  में जब  आपको खुद  पर पूरी तरह  से यक़ीन हो जाये  और आप अच्छी खासा पूँजी  जमा कर पाएँ तब आप अपनी क्लास  के लिए कोई स्थान चुन सकते हैं| आपको  ध्यान देना होगा की वह जगह पूरी तरह से  सुरक्षित हो और वहां सभी उपकरण उपलब्ध हो|

जैम, अचार, और सॉस 

Jam, achar, aur sauce

हालांकि  अभी भी हमारे  पास बाज़ार में बहुत  सारे विकल्प उपलब्ध हैं, फिर  भी हम में से अधिकाँश को बाजार  से ख़रीदे अचार, पापड़, चकली और अन्य  चीजों से संतुष्टि नहीं मिलती है| हम  अभी भी घर का बना सामान पसंद करते हैं|

अगर  आपके पास  ऐसा हुनर ​​है  तो आप अपना बिज़नेस  इसी से शुरू कर सकते  हैं| आप अपने उत्पादों के  लिए एक विक्रेता ढूँढ सकते  हैं या आप इसे सीधे बाज़ार में  भी बेच सकते हैं, जो भी आपको ठीक  लगे|

ध्यान रखें की आप अपने मुनाफ़े  के लिए स्वाद में कमी न करें नहीं तो  आपको नुकसान का सामना करना पद सकता है| सोशल  मीडिया पर मार्केटिंग करें और अपने व्यवसाय को  एक ब्रांड बनाएँ|

 

ये  महिलाओं  के लिए कुछ  व्यावसायिक योजनाएं  हैं| आप अपनी रूचि और  कौशल के अनुसार अपने व्यवसाय का चयन  कर सकते हैं|

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Happy Vyaparing!!!

 

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