E-way बिल  क्या है? इसे  कब और किसे जेनेरेट  करना चाहिए?

E way बिल  क्या है?
GST के  अंतर्गत जो  भी Rs. 50,000 से  अधिक मूल्य के सामान  को एक जगह से दूसरे जगह  ट्रांसपोर्ट करते हैं, उनके पास  eWay बिल होना चाहिए| GST eWay बिल  को eWay बिल पोर्टल से जेनेरेट किया  जाता है|

*E way बिल  की मदद से  राज्य में आने  और राज्य से जाने  वाले सामान पर नज़र राखी  जाती है ताकी टैक्स ईवेसन को  चेक किया जा सके|


एक्सेम्पशन  (जिन्हें छूट  है):

आपको  निम्नलिखित  परिस्थितियों  में E-way बिल  की शायद जरुरत नहीं  होगी:

  • अगर  भेजे गए  सामान की कीमत <Rs. 50,000 है|
  • जब  भेजा  गया सामान  GST के दायरे  में नहीं आता|

E way बिल  किसे जेनेरेट  करना चाहिए?
✔जो  पंजीकृत (रजिस्टर्ड) है – जो  भी व्यक्ति पंजीकृत है उन्हें  eWay बिल जेनेरेट करना अनिवार्य है  अगर उनके सामान की कीमत Rs 50,000 से  अधिक है|
✔जो  पंजीकृत  नहीं हैं (अनरजिस्टरड)– जब  एक ऐसा व्यक्ति जो पंजीकृत  नहीं है, किसी पंजीकृत व्यक्ति  को सप्लाई करता है तो पंजीकृत व्यक्ति  को E-way बिल जेनेरेट करना होगा|
✔जो  ट्रांसपोर्ट  करता है – अगर  सामान भेजने वाले  ने e-Way बिल जेनेरेट  नहीं किया हो तो सामान  को ट्रांसपोर्ट करने वाले  को e-way बिल जेनेरेट करना होगा|

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अगर  आपने GSTR-3B फाइल  नहीं किया है तो आपको  eWay बिल नहीं मिलेगा 

E-way बिल  कब जेनेरेट  करना चाहिए?

सामान  को भेजने  से पहले ही  e-way बिल जेनेरेट  किया जाता है| नीचे  दी गयी 2 परिस्थितिओं  में सामान की कीमत Rs. 50,000 से  कम होने के बावजूद भी e-way बिल जेनेरेट  करना अनिवार्य होता है:

  • जब  प्रिंसिपल  सप्लाई के अंतर्गत  एक राज्य से दूसरे राज्य  में सामान भेजा जाए|
  • जब  एक हीं  राज्य में  हेंडीक्राफ्ट  गुड्स (हाथ से  बने सामान) को किसी  ऐसे व्यक्ति द्वारा सप्लाई  किया जाए जिसे GST के अंतर्गत  पंजीकरण करना अनिवार्य नहीं है| 

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