8 महत्वपूर्ण कार्य जो आपको बिज़नेस  लोन अप्लाई करने से पहले करने होंगे

ऐसा  नहीं है  की सभी छोटे  व्यापारियों के  पास जरूरतों को पूरा  करने के लिए पर्याप्त धन  होता है| अपनी ज़रूरतों को  पूरा करने के लिए और व्यवसाय  को बढ़ाने के लिए उनके पास पैसे  उधार लेने के अतिरिक्त और कोई विकल्प  नहीं बचता है|

पहले  ज़माने में  लोन लेना मतलब  मुसीबतों को दावत  देना था और लोन आप  तब लेते थे जब आप अपने  बिज़नेस की आर्थिक स्थिति संभाल  नहीं पाते थे| हालाँकि अब समय बदल  चुका है, आज हम ऐसी जगह पहुँच चुके  हैं जहाँ व्यवसाय को बढ़ाने के लिए लोन  लेना एक आम बात हो चुकी है|

छोटे  बिज़नेस  लोन (व्यावसायिक  लोन) लेना और EMI भरना  एक बहुत हीं आम प्रक्रिया  है| वैसे तो लोन लेना एक आम  बात है पर फिर भी सभी को बिज़नेस  लोन नहीं लेना चाहिए| और साथ हीं ऐसा नहीं है की सभी कोई बिज़नेस लोन लेने के  योग्य हैं|

 

बिज़नेस  लोन के लिए  अप्लाई करने से  पहले यहाँ दिए इन  8 महत्वपूर्ण बातों का  ख्याल रखें|

1.बिज़नेस  लोन लेने  के कारण को  समझें|

1)मार्केटिंग में इन्वेस्ट करें? और अधिक इन्वेंटरी खरीदे? नयी जगह रेंट पर लें?

✔सबसे  पहले तो  आप यह समझने  की कोशिश करें  की आपको लोन क्यों  चाहिए और क्या यह लोन  भविष्य में आपके व्यवसाय  के लिए फ़ायदेमंद होगा या  नहीं|

✔पता  करें की  आप किस काम  के लिए इस लोन  का इस्तेमाल कर सकते  हैं| अगर आप यह नहीं भी  करना चाहें तो भी बैंक आपसे  इस बारे में ज़रूर पूछेगा|

✔बहुत  लोगों को  लोन इसलिए चाहिए  होता है क्योंकि वह  और अधिक इन्वेंटरी खरीदना  चाहते हैं, अपने व्यवसाय के  लिए और अधिक बड़ी और अच्छी जगह  लेना चाहते हैं किराये पे, या अपने  व्यवसाय के प्रचार में खर्च करना चाहते  हैं, या फिर और अधिक कर्मचारी नियुक्त करना  चाहते हैं, इत्यादि|

✔लोन  किस काम  के लिए इस्तेमाल  होगा यह जानना काफी  फ़ायदेमंद हो सकता है: जैसे  की मान लीजिये की आपको लोन नए  उपकरण खरीदने के लिए चाहिए तो ऐसे  में कई बैंक और NBFCs हैं जो खासकर उपकरण  खरीदने के लिए हीं लोन देते हैं|

अगर  आप एक  व्यवसाय के  मालिक हैं तो  ऐसे कई कारण हैं  जिसकी वजह से आपको  लोन की आवश्यकता होगी, जो  की यह हो सकते हैं: 

5 अच्छे  कारण बिज़नेस लोन लेने के लिए 

2.लोन  अप्लाई  करने से  पहले जानिए  की इसमें आपका  कितना खर्च होगा|

2)महीने की EMI , लोन की किस्त

✔बिज़नेस  लोन लेना अपने  आप में हीं एक  बहुत बड़ी बात है|

✔अपने  बिज़नेस  लोन के खर्च  को गईं लें| जैसे  की इसमें कितना इंटरेस्ट  रेट लगेगा, इसका महीने का EMI कितना  होगा, आप कितने साल में इस लोन को पूरा  करना चाहते है, इत्यादि|

✔एक  बिज़नेस  लोन के साथ  दूसरे और कई ख़र्च  जुड़े होते हैं| ध्यान  रखें की इसके परिणाम के  बारे में आपको पहले से पता  हो|

3.हिसाब  लगाएँ की  आपको कितने  रूपए का बिज़नेस  लोन लेना है|

3)अतिरिक्त इन्वेंटरी का दाम + मार्केटिंग का बजट, कुल लोन की आवश्यकता = 20,00,000

✔पता  करें की  अपने व्यवसाय  को बढ़ाने में आपको  कितने रूपए की कमी हो  रही है और उसी के अनुसार  बिज़नेस लोन लें|

✔हो  सकता  है की  आप अधिक  रूपए का लोन  लेने के योग्य  हो पर ज़रुरी नहीं  की आपको उतना लोन लेना  ही है| अगर आप अधिक मात्रा  में लोन लेते हैं तो उसे वापस  करने में आपको ही कठिनाई होगी| और  अगर आप काम लोन लेते हैं तो हो सकता  है की आपको दोबारा लोन लेना पड़ जाये|

✔हालाँकि  यह पता लगाना  की आपको कितना लोन  लेना है, काफी मुश्किल  हो सकता है, हो सकता है  की आप जोड़ने में गलती कर  दें, किसी चीज़ का आकलन काम कर  लें और किसी का अधिक| बहुत कम ही  ऐसा होता है की सबकुछ आपके अनुसार हो  जाये| हमेशा जरुरत से थोड़ा अधिक लें ताकि  आप उन ख़र्चों को भी उठा सकें जिनकी आपको  कोई उम्मीद नहीं थी| 

✔साथ  हीं आप  यह भी कोशिश  करें की आपका डाउन  पेमेंट अधिक हो और बिज़नेस  लोन का अमाउंट कम हो ताकि  आपको कम इंटरेस्ट देना पड़े| कभी  भी बहुत अधिक जोखिम न लें|

4.अपने  कोलैटरल (संपार्श्विक) की  क्षमता का हिसाब लगा लें|

4)घर | सोने के ज़ेवर | चिट्स

✔साफ़  शब्दों  में कहें  तो अगर आपके  पास पर्याप्त कोलैटरल  होगा तो आप तुरंत ही लोन  के योग्य हो जायेंगे| काम से  कम आपका लोन एप्लीकेशन तुरंत ही  ख़ारिज नहीं किया जायेगा अगर आपके  पास पर्याप्त कोलैटरल है तो|

✔बैंक  को और  अधिक सुविधा  महसूस होती है  अगर आपके पास ऐसी  संपत्ति (एसेट) है जो  बुरे वक़्त में भी लोन  वापस करने में काम आ सकती  है|

✔कोलैटरल  में आपका  घर, कार, स्टॉक्स, बांड्स और  कैश सभी शामिल होते है|(वह  सभी जिन्हें बाद में कैश में  बदला जा सके)

✔पर  छोटे  बिज़नेस  लोन के लिए  बैंक आपके उपकरणों, और  कुछ परिस्थिति में आपकी  इन्वेंटरी को भी कोलैटरल मानती  है अगर बैंक उन्हें बेच कर कैश हासिल  कर पाए तो|

5.उधार  लेने के  सभी विकल्पों  के बारे में अच्छे  से सोच लें|

5)सेठ जी | बैंक | परिवार/दोस्त

✔लोन  लेने के  कई तरीके हैं| कुछ  लोग अपने परिवार या  दोस्तों से उधर लेते हैं  और कुछ लोग अपने क्रेडिट कार्ड  का इस्तेमाल करते हैं| फिर भी कुछ  लोग छोटे फाइनेंसिंग कंपनी या ऑनलाइन  लैंडर (देनदार) से लोन लेते हैं ताकि कोई  कोलैटरल न देना पड़े और लोन जल्दी मिल जाये| पर  ज़्यादातर लोग आज भी लोन के लिए बैंक से संपर्क करते  हैं|

✔आप  खासकर  स्माल बिज़नेस  लोन की हीं खोज  करें क्योंकि इससे  आपको लोन मिलने की सम्भावना  काफी बढ़ जाती है| अपने लोन की  शर्तों को अच्छे से समझ लें|

6.इंटरेस्ट  और इसमें लगने  वाले चार्जेज़ को  भी समझें|

6)8%, 24 महीने के लिए , 9%, 30 महीने के लिए , नो कॉस्ट EMI

✔अलग  अलग बैंक  के पास अलग  अलग लोन स्कीम  होते हैं|

✔कुछ  बैंक और  NBFCs के नाम  चुने जिसमे आप  लोन के लिए अप्लाई  करना चाहते हैं और देखें  की उनके लोन की क्या शर्तें  हैं|

✔हालाँकि  हम हमेशा  इंटरेस्ट रेट  पर ध्यान देते  हैं पर लोन लेते  वक़्त इसके अलावा भी  कई दूसरी चीज़ें होती हैं  जिनका ख्याल रखना चाहिए लोन  लेने से पहले|

✔जांच  लें की  आपके लिए  कोनसा सही होगा  और आप किस लोन पर  कितना EMI दे सकते हैं|

7.अपने  फ़ाइनेंशियल  डॉक्यूमेंट (आर्थिक  कागज़ात) को अच्छे से  तैयार कर लें|

7)बैलेंस शीट | कैशफ्लो रिपोर्ट | प्रॉफिट और लॉस रिपोर्ट

✔क्या  आपके बिज़नेस  के फिननेस सही  है क्योंकि जब बैंक  बिना किसी कोलैटरल के  लोन देते हैं तो वह ध्यान  रखते हैं की वह किसे लोन देने  जा रहे हैं|

✔लोन  के लिए  अप्लाई करने  से पहले सही बुक  ऑफ़ अकाउंट रखना बहुत  ज़रूरी होता है| इसलिए बेहतर  यही होगा की लोन अप्लाई करने  से पहले आप अकाउंट की सभी ग़लतियाँ  सुधार लें|

✔बैंक  अधिकतर  कंपनी की  बैलेंस शीट, प्रॉफिट  और लॉस अकाउंट, कैश फ्लो  स्टेटमेंट, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट, इत्यादि मांगते  हैं|

✔इन  सभी फ़ाइनेंशियल  स्टेटमेंट के अलावा  बैंक आपके व्यवसाय के  वर्त्तमान साल की प्रगति  रिपोर्ट की भी मांग करता है  और इसका सही होना बहुत आवश्यक  है| बैंक को सुनिश्चित करना होगा  की लोन वापस करने के योग्य हैं|

✔अगर  आप अपने  व्यवसाय को  डिजिटली संभाल  रहे हैं तो Vyapar जैसे  बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल  करें ताकि आपको यह सभी रिपोर्ट  और स्टेटमेंट बिना किसी परेशानी के  आसानी से मिल जाये| इससे आपका समय भी  बचता है और रिपोर्ट में गलती होने की आशंकायें  भी कम हो जाती है|

8.हिसाब  लगाएँ की  आप कितना लोन  वापस कर पाएंगे  और बाकी बचे के लिए  आप क्या कर सकते हैं|

8)महीने की तनख्वा | लोन की कुल राशि | बची हुई राशि

ऐसा  लोन लें  जो आप आसानी  से वापस कर पाएं| कभी  भी इतना अधिक लोन न लें  जो आप वापस न कर पाए| 

✔जोड़े  की लोन  के मुकाबले  आपकी आय कितनी  है| बैंक भी यही  जोड़ते हैं की आप कितना  लोन वापस कर पाएंगे| 

✔आपको  कितना लोन  मिलेगा यह उसपर  निर्भर करता है की  आप कितना लोन EMI के  तौर पर वापस कर पाएंगे|

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बिज़नेस  लोन आसानी  से लेने के  लिए 5 महत्वपूर्ण  दस्तावेज़ 

5 कारण  जिसकी वजह  से आपके बिज़नेस  लोन को ख़ारिज (रिजेक्ट) किया  जा सकता है: आप इसके लिए क्या  कर सकते हैं 

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Happy Vyaparing!!!

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