GSTR -9 में गलती करने से कैसे बचे

बुरी खबर: अब आप  GSTR -9 को फाइल करने के बाद उसमे कोई  सुधर नहीं कर सकते हैं|

इसलिए GSTR -9 को फाइल करते वक़्त सावधानी बरतना आवश्यक है|

यहाँ कुछ ऐसी ग़लतियाँ दी गयी हैं  जिन्हें आप GSTR -9 फाइल करते वक़्त नज़रअंदाज़ कर सकते हैं|

  • GSTR -9 को समय सिमा से पहले फाइल न करना

GSTR -9 फाइल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर है| इसके आगे तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी|अगर आपने समय से फाइल नहीं किया तो सुध के साथ जुर्माना देना होगा|

पहली सलाह: FY 2017 – 2018 के लिए अपना पहला GSTR -9 30 नवंबर से पहले फाइल करें|

  • सभी GSTIN के लिए अलग अलग GSTR – 9  फाइल न करना

अगर आप एक साथ कई राज्यों में काम कर रहे हैं तो आपके पास अलग अलग GSTIN होंगे| इसका मतलब यह है की आपको हर एक GSTIN के लिए अलग से GSTR -9 फाइल करना होगा|

दूसरी सलाह : अलग अलग राज्यों के लिए अलग अलग GSTR -9 फाइल करें|

  •  अप्रैल – जून 2017 के लिए भी GSTR -9 तैयार करना

यह ज़रुरी है पर कुछ लोग इसमें गलती करते हैं| जैसा की हम जानते हैं की GST भारत में जुलाई 2017 से लागू हुआ था, इसका मतलब FY 2017 – 2018 के लिए GSTR -9 सिर्फ 9 महीनों के लिए होगा पूरे साल के लिए नहीं|

तीसरी सलाह: GSTR – 9 सिर्फ 9 महीनों ( जुलाई 2017 – मार्च 2019 ) के लिए हीं बनाएँ |

  • GSTR – 9 को गलत जानकारियों के साथ बनाना|

सभी मासिक और त्रैमासिक (क्वाटर्ली) फ़ील्ड रिटर्न GSTR – 9 में दी गई तारीख से मिलना चाहिए| अगर कोई छोटा सा डाटा भी  मेल नहीं किया तो आपका GSTR -9 ख़ारिज कर दिया जाएगा|

चौथी सलाह: अपने GSTR -9 को सभी GSTR -1 और GSTR – 3 बी के साथ मिलाए|

  • व्यापार की सही जानकारी न बनाए रखना|

GSTR -9 को फाइल करने से पहले अपने सभी जानकारियों को जाँच लें और उसके बाद रिपोर्ट करें| जो भी जानकारियाँ आपने GSTR -9 में दी हैं उन सभी को साबित करने के लिए पुख़्ता कागज़ात पहले से ही अपने पास रख लें ताकि आपको बाद में किसी भी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े| केवल रजिस्टर में डाटा रखने से आपको समय पड़ने पर जल्दी से डाटा ढूंढने में कठिनाई होगी|

पांचवी सलाह: अपने डाटा को डिजिटली रखने से आपको समय पड़ने पर डाटा जल्दी मिल जाएगा|

  • *GSTR -9 में जानकारियों में उथल पुथल करना

GSTR -9 में जानकारियां ऊपर निचे नहीं हो सकती| आपको केटेगरी के हिसाब से डाटा भरना होगा| इसके लिए लिए आपको कई रजिस्टर में डाटा छान बीन करनी होगी और GSTR -९ रिटर्न में  सही सही डाटा भरना होगा| अगर आप vyapar जैसा एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं तो आपका काम काफी आसान हो जाएगा| इसमें आपको अपना डाटा आपके मनचाहे फॉर्मेट में मिल जाएगा| अगर आपने अभी तक एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर डाउनलोड नहीं किया है तो अब वो वक़्त आ चूका है – मुफ्त में डाउनलोड करें|

छठि सलाह: अपना ITC , HSN कोड, रिफंड, इत्यादि सही और अलग अलग भरें|

  • अपना अकाउंट किसी CA से ऑडिट न कराना (अगर आपका टर्नओवर 2 cr से अधिक है)

अगर आपके व्यवसाय का सालाना टर्नओवर Rs 2 cr से अधिक है तो अपने बुक ऑफ़ अकाउंट को चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराएँ| अपने GSTR -9 के साथ साथ GSTR -9 C भी फाइल करें| इसकी तारीख भी 30 नवंबर 2019 तक है|

सातवीं सलाह: अगर आपका सालाना टर्नओवर Rs 2 cr से अधिक है तो अपना अकाउंट किसी CA से ऑडिट कराएँ और साथ ही अपना GSTR -9 भी उसी से फाइल कराएँ|

  • जब कोई ट्रांज़ैक्शन नहीं हुआ हो तो उस वक़्त निल्ल रिटर्न न फाइल करना

अगर आप GST के अंतर्गत पंजीकृत (रजिस्टर्ड) हैं तो साल में कोई ट्रांज़ैक्शन न होने की वजह से निल्ल रिटर्न फाइल जरूर करें|

आठवीं सलाह: अगर कोई ट्रांज़ैक्शन नहीं हुआ हो तो निल्ल रिटर्न फाइल करें

 

क्या इस लेख से आपको मदद मिली? कृपया नीचे कमेंट करें|

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